मैं बच्‍चा किस प्रकार गोद लूं
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    "हम सभी की जरूरत है हमारे दिमाग को बदलना है हमें लोगों के दिल को एकजुट करने की आवश्यकता है। "

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    क्या तुम्हें पता था? दहेज निषेध अधिनियम, 1 9 61 के तहत दहेज देने, लेने, मांगने या विज्ञापन भी सभी अवैध हैं

निवासी भारतीयों के लिए दत्‍तकग्रहण प्रक्रिया

  • भारतीय भावी दत्‍तक माता-पिता अपने धर्म का लिहाज किए बिना, यदि अनाथ या परित्‍यक्‍त या अभ्‍यर्पित बालक को अपनाने के इच्‍छुक हैं, तो अनुसूची VI में दी गई व्‍यवस्‍थाके अनुसार ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरकर तथा भावी दत्‍तक माता-पिता के रूप में स्‍वयं को पंजीकृत करवाकर संबंधित दस्‍तावेज अपलोड करके बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना और दिशा-निर्देश प्रणाली के माध्‍यम से विशिष्‍ट दत्‍तक
  • भावी दत्‍तक माता-पिता पंजीकरण के समय उन विशेष राज्‍यों के लिए विकल्‍प देकर अपेक्षित राज्‍य या राज्‍यों के लिए विकल्‍प का चयन करेंगे।
  • बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में करवाएगए पंजीकरण को उनके द्वारा विकल्‍प के रूप में चुने गए राज्‍य या राज्‍यों के सभी विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिरकणों में पंजीकरण माना जाएगा।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता की पंजीकरण संख्‍या यथास्‍थिति, उन राज्‍य या राज्‍यों में सभी विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण एजेंसियों के पास उपलब्‍ध होगी।
  • बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली पर पूर्णआवेदन फॉर्म और अपेक्षित दस्‍तावेजोंप्राप्‍त होते हीपंजीकरण को पूर्ण कर दिया जाएगा और भावी दत्‍तक माता-पिता को इसकी सूचना दे दी जाएगी बशर्तेकि दस्‍तावेज पंजीकरण की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर अपलोड कर दिए जाएं ओर ऐसा न होने पर भावी दत्‍तक माता-पिता को स्‍वयं को दोबारा पंजीकृत कराना होगा।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता प्राप्‍ति रसीद से अपनी पंजीकरण संख्‍या प्राप्‍त करेंगे और अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी लेने के लिए इसका प्रयोग करें
  • भावी दत्‍तक माता-पिता की गृह अध्‍ययन रिपोर्ट चयनित विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण एजेंसी के सामाजिक कार्यकर्ता के माध्‍यम से तैयार की जाएगी और यदि वे अनुबंधित समय सीमा के भीतर गृह अध्‍ययन रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाते हैं तो वे यथास्‍थिति राज्‍य दत्‍तकग्रहण संसाधन अभिकरण या जिला बालक संरक्षण एकक द्वारा अनुरक्षित सूची से सामाजिक कार्यकर्ता की सहायता लेंगे।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण या राज्‍य दत्‍तकग्रहण संसाधन अभिकरण के सूचीबद्ध कार्यकर्ता गृह अध्‍ययन के दौरान भावी दत्‍तक माता-पिता को सलाह देंगे।
  • गृह अध्‍ययन रिपोर्ट को पूरा होते ही विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण द्वारा बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में डाल दिया जाएगा।
  • गृह अध्‍ययन रिपोर्ट तीन वर्षों के लिए वैध रहेगी और देश में किसी भी जगह से भावी दत्‍तक माता-पिता द्वारा बालक को अपनाने का आधार होगी।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता गृह अध्‍ययन रिपोर्ट और समर्थन दस्‍तावेजों के आधार पर विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण एजेंसी द्वारा पात्र और उपयुक्‍त घोषित कर दिए जाएंगे और यदि किसी भावी दत्‍तक माता-पिता को पात्र या उपयुक्‍त घोषित नहीं किया
  • भावी दत्‍तक माता-पिता विनियम 59 में दी गई व्‍यवस्‍था के अनुसार प्राधिकरण के समक्ष अस्‍वीकृति के निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकते हैं।
  • उप विनियम (14) में निर्दिष्‍ट अपील का निपटारा 15 दिन की अवधि के भीतर किया जाएगा और प्राधिकरण द्वारा इस संबंध में लिया गया निर्णय बाध्‍यकारी होगा।
  • जिला बालक संरक्षण एकक भावी दत्‍तक माता-पिता के आवेदन के ऑनलाइन पंजीकरण, उनके दस्‍तावेजोंको अपलोड करने और विशिष्‍टदत्‍तकग्रहणअभिकरणोंके सामने आने वाली तकनीकी कठिनाइयों का भी निपटारा करने के कार्य को सुगम बना
  • पंजीकरण तथा गृह अध्‍ययन रिपोर्ट के पूरा होने के पश्‍चात भावी दत्‍तक माता-पिता द्वारा बालक को अपनाना,उपयुक्‍त बालक की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा।

 

 

 

  • बालक कोभेजे जाने के लिए भावी दत्‍तक माता-पिता की वरिष्‍ठता बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देशप्रणाली में दस्‍तावेजों को अपलोड करने की तारीख और पंजीकरण के पूरा होने की तारीख से मानी जाएगी।
  • वरिष्‍ठता के आधार पर भावी दत्‍तक माता-पिता को एक या अधिक प्रेषण में बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली के माध्‍यम से एक या अधिक विशिष्‍टदत्‍तकग्रहणअभिकरणों से उनकी प्राथमिकता यदि कोई है तो उसके आधार पर3 बच्‍चों का ओनलाइनप्रोफाइल भेजा जाएगा जिसमें फोटोग्राफ, बाल अध्‍ययन रिपोर्ट तथा चिकित्‍सा जांच रिपोर्ट शामिलहोगी।
  • बालक या बालकोंकी प्रोफाइल को देखने के पश्‍चात, 48 घंटे की अवधि के भीतरभावी दत्‍तक माता-पिता सम्‍भाव्‍यदत्‍तकग्रहण के लिए एक बालक को आरक्षित कर लेंगे और शेष बालकों को प्रतीक्षा सूची में प्रतीक्षारत अन्‍य भावी दत्‍तक माता-पिताओं के लिए बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देशप्रणाली द्वारा जारी कर दिया जाएगा।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण दत्‍तकग्रहणसमिति द्वाराभावीदत्‍तक माता-पिताकी उपयुक्‍तता का मूल्‍यांकन करने के लिए मिलान हेतु भावी दत्‍तक माता-पिता के साथ एक मुलाकात निर्धारित करने के लिए बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचनातथा दिशा-निर्देश प्रणाली के माध्‍यम से भावी दत्‍तक माता-पिता का ब्‍यौरा प्राप्त करेगा। जैसा कि विनियम 2 के उप विनियम (2) में परिभाषित है और दत्‍तकग्रहण समिति अनुसूची XXVII में उपलब्‍ध फॉर्मेट के अनुसार बैठक का कार्यवृततैयार करेगी।
  • दत्‍तकग्रहण समिति की न्‍यूनतम संख्‍या दो सदस्‍य होगी और बालक देखरेख संसाधन से दत्‍तकग्रहण के मामले में दत्‍तकग्रहणसमिति की न्‍यूनतमसंख्‍या तीन सदस्‍य होगीजबकि जिला बाल संरक्षण एकक से एक अधिकारी की उपस्‍थिति अनिवार्य होगी।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण बालक के साथ भावी दत्‍तक माता-पिता की मुलाकात का आयोजन भी करेगा।
  • मिलान करने की समग्र प्रक्रिया बालक को आरक्षित करने की तारीख से 20 दिन की अधिकतम अवधि के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
  • विशिष्‍टदत्‍तकग्रहण अभिकरण भावीदत्‍तक माता-पिता द्वारा मिलान के लिए एजेंसी का दौरा किए जाने के दौरान उन्‍हें परामर्श देगा।
  • बच्‍चे को अपनाते समय, भावी दत्‍तक माता-पिता बालक अध्‍ययन रिपोर्ट तथा चिकित्‍सा जांच रिपोर्ट, जिसे बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली से डाउनलोडकिया जा सकता है,पर सामाजिक कार्यकर्ता या विशिष्ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण के मुख्‍य कार्यकारी की उपस्‍थिति में हस्‍ताक्षर करेंगे और विशिष्‍टदत्‍तकग्रहणअभिकरण बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली में भावी दत्‍तक माता-पिता द्वारा स्‍वीकारोक्‍ति को रिकॉर्ड करेंगे।
  • यदि दत्‍तकग्रहण समिति द्वारा बालक को अपनाने के लिए भावी दत्‍तक माता-पिता का चयन नहीं किया जाता है तो भावी दत्‍तक माता-पिता को न चुने जाने के कारण बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली में रिकॉर्ड किया जाएगा।
  • यदि अस्‍वीकृति का कारण प्रणालीबद्ध त्रुटि या गैर न्‍यायसंगत कारणों के कारण पाए जाते हैं तो भावी दत्‍तक माता-पिता की वरिष्‍ठता को बनाए रखा जाएगा।
  • यदि भावी दत्‍तक माता-पिता आरक्षित बच्‍चे की स्‍वीकार नहीं करते हैं या दत्‍तकग्रहण समिति भावी दत्‍तक माता-पिता को बच्‍चा गोद लेने के लिए उपर्युक्‍त नहीं पाती है तो उस तारीख को भावी दत्‍तक माता-पिता को वरिष्‍ठता सूची में सबसे निचले स्‍थान पर शामिल कर लिया जाएगा,जो वरिष्‍ठता तक दोबारा पहुंचने पर नए अवसर का लाभ उठा सकते हैं और पश्‍चातवर्तीअवसरों में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
  • उप विनियम (12) में विनिर्दिष्‍ट सभी मामलोंमें, बच्‍चे पर विचार न किए जाने के कारणों से बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में स्‍पष्‍ट रूप से उल्‍लिखित किया जाना होगा।
  • भावीदत्‍तक माता-पिताका पंजीकरण प्रत्‍येक 3 वर्षों में गृह अध्‍ययन रिपोर्ट के पुन: वैधीकरण के साथ बालक को अपनाए जाने तक जारी रहेगा।
  • भावी माता-पिता बालक को अपनाने के लिए अपनीस्‍वीकृति देने से पूर्व अपने चयन के मेडिकल प्रेक्‍टीशनर द्वारा बालक की चिकित्‍सा जांच रिपोर्ट की पुन: समीक्षा भी करवा सकते हैं।
  • बालक को अनुसूची VIII में दिए गए फॉर्मेट में पूर्व दत्‍तकग्रहण पोषण देखरेख शपथ को हस्‍तक्षारित करने के पश्‍चात मिलान की तारीख से 10 दिन के भीतरभावी दत्‍तक माता-पिता द्वारा पूर्व दत्‍तकग्रहण पोषण देखरेख में लिया जाएगा।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता अनुसूची IX में निर्दिष्‍टानुसार विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण को मूल दस्‍तावेज या दस्‍तावेजों की नोटरीकृत प्रति उपलब्‍ध करवाएंगे।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरणभावी दत्‍तक माता-पिता के साथ बालक का मिलान करने की तारीख से 10 कार्य दिवसों के भीतर अनुसूची IX में निर्दिष्‍टानुसार संबंधित मूल दस्‍तावेजों के साथ विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण जिस स्‍थान पर स्‍थित है, वहां अधिकारिता रखने वाले संबंधित न्‍यायालय में आवेदन दाखिल करेगा और अंतरदेशीय दत्‍तकग्रहण आदेश प्राप्‍त करने के लिए प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्रप्राप्‍त करने की तारीख से आवेदन दाखिल करेगा।
  • विशिष्‍टदत्‍तकग्रहण अभिकरण उपयुक्तता के अनुसारअनुसूची XXVIII या XXIX में दिए गएफॉर्मेट में आवेदन दाखिल करेगा।
  • यदि बालक देखरेख संस्‍था (सीसीआई),जो कि विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण नहीं है और किसी अन्‍य जिले में स्‍थित है, से है तो विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण बालक या विशिष्‍टदत्तकग्रहण एजेंसी की स्‍थापना वाले जिले में संबंधित न्‍यायालय में आवेदन दाखिल करेगा और ऐसे मामले में,बालक देखरेख संस्‍था विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण के साथ सह-याचक होगी और बालक देखरेख संस्‍था संबंधित विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण को आवश्‍यक सहायता प्रदान करेगी।
  • सगे भाई बहनों या जुडवा बच्‍चों के मामले में,विशिष्‍टदत्‍तकग्रहण अभिकरण न्‍यायालय में एक ही आवेदन दाखिल करेगा।
  • चूंकि दत्‍तकग्रहण का मामला प्रवृत्‍ति में गैर प्रतिवादी वाला होता है इसलिए विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहणअभिकरण दत्‍तकग्रहण आवेदन में कोई प्रतिकूल पक्ष या प्रतिवादी नहीं बनाएगा।
  • न्‍यायालय दत्‍तकग्रहण प्रक्रिया को बंद कमरे में करेगा और अधिनियम की धारा 61 की उपधारा (2) के अंतर्गत की गई व्‍यवस्‍था के अनुसार विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण द्वारा दत्‍तकग्रहणआवेदन दाखिल करने की तारीख से दो माह की अवधि के भीतर मामले का निपटारा करेगा।
  • दत्‍तक माता-पिता से इस तथ्‍य को ध्‍यान में रखतेहुए दत्‍तकग्रहण आदेश में कोई ऋण पत्र निष्‍पादित करने के लिए या बालक के नाम पर कोई निवेश करने के लिए नहीं कहा जाएगा कि उनका मानसिक-सामाजिक प्रोफाइल तथा वित्‍तीय स्‍थितिगृह अध्‍ययन रिपोर्ट तथा अन्‍य समर्थन दस्‍तावेजों से पहले ही पता लगा ली गई है।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहणअभिकरण न्‍यायालय से दत्‍तकग्रहण आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त करेगा और 10 दिन के भीतर भावी दत्‍तक माता-पिता को भेजेगा और यह आदेश की एक प्रति को डाक से भी भेजेगा तथा बालक दत्‍तकग्रहण संसाधनसूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली में संबंधित प्रविष्‍टियों को अद्यतन भी बनाएगा।
  • इस अधिनियम के अनुसार दत्‍तकग्रहण डीड का पंजीकरण अनिवार्य नहीं होगा।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण माता-पिता के रूप में दत्‍तक माता-पिता के साथ तथा दत्‍तकग्रहण आदेश में रिकॉर्ड के अनुसार जन्‍म की तारीख के साथ दत्‍तकग्रहण आदेश जारी करने की तारीख से 3 कार्य दिवसों के भीतर बालक का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए जन्‍म प्रमाण पत्र जारीकरने वाले प्राधिकरण को आवेदन देगा और इसे आवेदनकी प्राप्ति की तारीख से 5कार्य दिवसों के भीतर जारी करने वाले प्राधिकरण द्वाराजारी किया जाएगा।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण अनुसूची XXIII में दी गई व्‍यवस्‍था के अनुसार याचिका दाखिल करते समय न्‍यायालय के समक्ष एक शपथ पत्र प्रस्‍तुत करेगा।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण जिसने गृह अध्‍ययन रिपोर्ट तैयार की है, अनुसूची XII में दी गई व्‍यवस्‍था के अनुसार फॉर्मेट में भावी दत्‍तक माता-पिता के साथ पूर्व दत्‍तकग्रहण पोषण स्‍थापना की तारीख से 2 वर्षों के लिए 6 माह के आधार पर पश्‍चात दत्‍तकग्रहणअनुवर्तन रिपोर्ट तैयार करेगा और बालक के फोटो सहित बालक दत्‍तकग्रहण संसाधनसूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली में इसे अपलोड करेगा।
  • यदि दत्‍तक माता-पिताअपना निवास स्‍थान बदलते हैं तो वे गृह अध्‍ययन करने वाले अभिकरण तथा उस जिले जहां वे नया निवास स्‍थान बनाते हैं, के जिला बालक संरक्षण एकक को सूचित करेंगे।
  • वर्तमान निवासस्‍थान के जिले के जिला बालक संरक्षण एककपश्‍चातवर्तीदत्‍तक अनुवर्तन रिपोर्ट तैयारकरेगा और बालक दत्‍तक संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में इसे अपलोड करेगा।
  • यथास्‍थिति विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण या जिला बालक संरक्षा एकक जब भी अपेक्षितहो तो सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा दत्‍तक माता-पिता या बालक के परामर्श के लिए व्‍यवस्‍था करेगा या प्राधिकरण या राज्‍य अभिकरण में स्‍थापित परामर्श केंद्र से उन्‍हें जोड़ेगा।
  • यदि बालक को दत्‍तक माता-पिता के साथ समायोजन करने में किसी प्रकारकी समस्‍या आती है तो विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण आवश्‍यकतानुसार इन दत्‍तक माता-पिता या बालकों के लिए अपेक्षित परामर्श की व्‍यवस्‍था करेगाया प्राधिकरण या राज्‍य एजेंसी में स्‍थापित परामर्श केंद्र से उन्हें जोड़ेगा।
  • अंतरदेशीय दत्‍तकग्रहण में अवरोध आने की स्‍थिति में –
    • याचिका दाखिल करने से पूर्व दत्तकग्रहण पोषण देखरेख के स्‍तर पर,बालक को जिलाबालक संरक्षण एकक को सूचना देते हुए संबंधित विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण द्वारा वापस ले लिया जाएगा।
    • न्‍यायालय में याचिका दाखिल करने के पश्‍चात पूर्व दत्‍तकग्रहण पोषण देखरेख के स्‍तर पर बालकको विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण द्वारा वापस ले लिया जाएगा और दत्‍तकग्रहण आवेदन को जिला बालक संरक्षणएकक को सूचना देते हुए संबंधित न्‍यायालय से वापस ले लिया जाएगा।
    • यदि बालक को दत्‍तकग्रहण प्रक्रिया के दौरान किसी अन्‍य राज्‍य में ले जाया गया है तो बालक की वापसी को बालक के निवास स्‍थान तथा उसकी उत्‍पति के राज्‍य में राज्‍य दत्‍तकग्रहण संसाधन अभिकरण द्वारा समन्‍वित किया जाएगा।
  • दत्‍तकग्रहणरद्द होने के मामले में, दत्‍तकग्रहणआदेशकी समाप्‍ति के लिए आवेदन दत्‍तकग्रहण आदेश जारी करने वाले न्‍यायालयमें दाखिल किया जाएगा।
  • यथास्‍थिति दत्‍तकग्रहणके निपटान या भंग होने के पश्‍चात बालककी स्‍थितिको विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण द्वारा बालकदत्‍तकग्रहण समाधानसूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में दत्‍तक के लिए विधिक रूप से स्‍वतंत्र बालक के रूप में अद्यतन बनाया जाएगा।

 

 

अनिवासी भारतीय, भारतीय मूल के व्‍यक्‍ति और विदेशी भावी दत्‍तक माता-पिता के लिए दत्‍तकग्रहणप्रक्रिया

 

  • अनिवासी भारतीय भावी दत्‍तक माता-पिता अनाथ, परित्‍यक्‍त या अभ्‍यर्पित बालकों के दत्‍तकग्रहण के लिए प्राथमिकता के संबंधमें भारत में रहने वाले भारतीयों के बराबर माने जाएंगे।
  • हेग दत्‍तकग्रहण समझौते के हस्‍ताक्षरकर्ता किसी देश में रहने वाले किसी अनिवासी भारतीय, भारतीयमूल के व्‍यक्‍ति या विदेशी भावी दत्‍तक माता-पिता जो किसी भारतीय बच्‍चे को अपनाने के इच्‍छुक हों, वे अपनी गृह अध्‍ययन की रिपोर्ट तैयार करने और बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में अपने पंजीकरण के लिए यथास्‍थिति, प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण या संबंधित केंद्रीय प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
  • यदि उनके अद्यतन निवास करने वाले देश में कोई प्राधिकृत विदेशीदत्‍तकग्रहण अभिकरण या केंद्रीय प्राधिकरण नहीं है तो भावी दत्‍तक माता-पिता इस उद्देश्‍य के लिए उस देश में स्‍थित संबंधित सरकारी विभाग या भारतीय कूटनीतिक मिशन से संपर्क करेंगे।
  • यथास्‍थिति,प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरणया केंद्रीय प्राधिकरण या सरकारी विभाग या भारतीय कूटनीतिक मिशन,बालक को अपनाने के लिए भावी दत्‍तक माता-पिताकी पात्रता का पता लगाने पर अपनी गृह अध्‍ययन रिपोर्ट पूरी करवाने में अनुसूची 6 में निर्दिष्‍टानुसार अपेक्षितदस्‍तावेजों सहित फॉर्मेट में बालक दत्‍तकग्रहण संसाधनसूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में अपने आवेदन को पंजीकृतकरवाएंगे।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता की वरिष्‍ठता की गणना दत्‍तकग्रहणसंसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणालीमें आवश्‍यक दस्‍तावेजों को अपलोड करने की तारीख से की जाएगी।
  • इस अध्‍याय में निर्दिष्‍ट भावी दत्तक माता-पिता की गृह अध्‍ययन रिपोर्ट तथा अन्‍य दस्‍तावेजों की जांच उनकी पात्रता और उपयुक्‍तता निर्धारित करनेके लिए प्राधिकरण में की जाएगी और उस विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण को भेजे जाएंगे जहां दत्‍तकग्रहण के लिए विधिक रूप से स्‍वतंत्रबालक उपलब्‍ध है।
  • एक या दो प्रसंगों में, दो बालकों के प्रोफाइल को बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली द्वारा, यथास्‍थिति, प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण या केंद्रीय प्राधिकरण या सरकारी विभाग या भारतीयकूटनीतिक मिशन को भेजा जाएगा, जो स्‍थानीय नियमों के अनुसार संबंधित भावी दत्‍तक माता-पिताको इन प्रोफाइल को आगे भेज सकतेहैं और विदेशीया विदेशीभारतीयनागरिक के मामले में, बालकों के प्रोफाइलको भावी दत्‍तक माता-पिता को भेजा जाएगा।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता 96 घंटे के भीतर भेजे गए बालक को आरक्षित कर सकते हैं और अन्‍य बालक के प्रोफाइलको स्‍वत ही वापस लिया माना जाएगा।
  • यदि भावी दत्‍तक माता-पिता 96 घंटे के भीतरकिसी बालक को आरक्षित करने में असफल रहते हैं तो दोनों बालकों के प्रोफाइल को स्‍वत: ही वापस लिया माना जाएगा।
  • भावीदत्‍तक माता-पिता को प्रोफाइल भेजते समय उनकी प्राथमिकता को ध्‍यान में रखा जाएगा।
  • यदि भावी दत्‍तकमाता-पिता दर्शाए गए बच्‍चों में से एक बच्‍चे को आरक्षित करतेहैंतोवे आरक्षण की तारीख से 30 दिन के भीतर बालक की बालक अध्‍ययन रिपोर्ट तथा चिकित्‍सा जांच रिपोर्टपर हस्‍ताक्षर करकेबालक को स्‍वीकार करेंगे।
  • बालक की अध्‍ययन रिपोर्ट, चिकित्‍सा जांच रिपोर्ट, तथा फोटो, मूल रूप में, विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहणअभिकरण द्वारा प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण या केंद्रीयप्राधिकरण या संबंधित भारतीयकूटनीतिक मिशनको भेजी जाएगी।
  • यदि भावीदत्‍तक माता-पिता 30 दिन के भीतर आरक्षित बच्‍चे को स्‍वीकार करने में असफल रहते हैं तो बालक का प्रोफाइल बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली द्वारा वापस लिया गया माना जाएगा और भावी दत्‍तक माता-पिता की वरिष्‍ठता को सूची में सबसे निचले स्‍थान पर शामिल कर लिया जाएगा और उनकी बारी आने पर उन्‍हें बालक को आरक्षित एवं स्‍वीकारकरने के लिए अन्‍य अवसर दिया जाएगा बशर्ते कि उनकी गृह अध्‍ययन रिपोर्ट वैध रहे।
  • यदि भावी दत्‍तक माता-पिताबालक को अपनाने के लिए स्‍वीकार करनेसे पूर्व बालक को स्‍वयं देखनेके लिए विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहणअभिकरण का दौरा करनाचाहते हैं तो इस प्रकार का दौरा उनकेदत्‍तकग्रहण आवेदन को प्राधिकरण द्वारा अनुमोदितकिए जाने के पश्‍चात ही किया जा सकता है और भावी दत्‍तक माता-पिता अपने चयन के मेडिकल प्रैक्‍टीशनरद्वारा बालक की चिकित्‍सा जांच रिपोर्ट की पुन: समीक्षाकरवा सकते हैं।
  • प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण संबंधित विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण को अनुसूची IX में विनिर्दिष्‍टानुसार भावी दत्‍तक माता-पिता के मूल दस्‍तावेज भेजेगा।
  • गृह अध्‍ययन रिपोर्ट का भाग बनाने वाले सभी दस्‍तावेजों को नोटरीकृत किया जाएगा और नोटरी के हस्‍ताक्षरपरहेग दत्‍तकग्रहणसमझौता करने वाले देशों के मामलों में प्राप्‍तकर्ता देश के सक्षम प्राधिकरण द्वारा टिप्‍पणी की जाएगी किंतुभारत के दस्तावेजों को स्‍व:प्रमाणित किया जाएगा।
  • यदि दस्‍तावेज अंग्रेजी के अलावाअन्‍य किसी भाषा में है तो मूल दस्‍तावेजों के साथ प्रमाणीकरण या टिप्‍पणी के उद्देश्‍य के लिए पदनामित भावी दत्‍तक माता-पिता के निवास के देश में अभिकरण या प्राधिकरण द्वारा सम्‍यक रूप में प्रमाणित अंग्रेजी अनुवाद भी होने चाहिए।
  • प्राधिकरण भावी दत्‍तक माता-पिता द्वारा बालक को स्‍वीकार करने की रसीद की तारीख से 10 दिन के भीतर अनुसूची X के फॉर्मेट में प्रस्‍तावित दत्‍तकग्रहण के पत्र में अनापत्ति प्रमाणपत्र तथा जहां लागू हो हेग दत्‍तकग्रहण समझौते के अनुच्‍छेद 5 और अनुच्‍छेद 17 के अनुसार प्राप्‍तकर्ता देश का अनुच्‍छेद या अनुमति पत्र जारी करेगाऔर अनापत्ति प्रमाण पत्र की एक प्रति सभी संबंधित को पृष्‍ठांकित भी की जाएगीतथा शीघ्रातिशीघ्र बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचनातथा दिशा-निर्देश प्रणाली में डाली जाएगी।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता अनुसूची VIII में दिए गए फॉर्मेट में विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण को शपथ पत्र देकर न्‍यायालय आदेश के लंबित रहते हुए प्राधिकरण द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के पश्‍चात भारत के भीतर अस्‍थाई अवधि के लिए पूर्व-दत्‍तकग्रहण पोषण देखरेख में बालक को ले सकते हैं।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता सक्षम न्‍यायालय से दत्‍तकग्रहण आदेशजारीहोने के पश्‍चात बालक को पासपोर्ट और वीजा जारी होते ही विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण आदेश जारी होने के पश्‍चात ही विशिष्‍ट अंतिम अभिरक्षा प्राप्‍त करेंगे।
  • विनियम 12 में की गई व्‍यवस्‍था के अनुसार विधिक प्रक्रिया का पालन इस अध्‍याय के अंतर्गत अंतर देशीय दत्‍तक्रहण के मामलों में आवश्‍यक परिवर्तन सहित किया जाएगा।
  • आदतन विदेश में रहने वाले तथा साथ ही उनकी ओर से विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण एजेंसी द्वारा प्रतिनिधित्‍व किए जाने की इच्‍छा रखने वाले भावी दत्‍तक माता-पिता के मामलों में, आवेदन के साथ सामाजिक कार्यकर्ता या विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण के दत्‍तकग्रहण इंचार्ज के नाम से पावर आफ एटार्नी भी संलग्‍न की जाएगी और यह पावर ऑफ एटार्नी भावी दत्‍तक माता-पिता की ओर से मामले को देखने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता को प्राधिकृत करेगी।
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  • प्राधिकरण अपनाए जाने वाले बच्‍चे के प्राप्‍तकर्ता देश के हेग दत्‍तक समझौते के हस्‍ताक्षरकर्ता होने के मामले में बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली में दत्‍तकग्रहण आदेश की उपलब्‍धता की तारीख से तीन कार्य दिवसों के भीतर अनुसूची XI में दिए गए फॉर्मेट में हेग दत्‍तकग्रहण समझौते के अनुच्‍छेद 23 के अंतर्गतपुष्‍टि प्रमाणपत्रजारी करेगा।
  • प्राधिकरणबालक को अपनाए जाने की पुष्‍टि के बारे में, यथास्‍थिति,इमीग्रेशन प्राधिकारियों तथा विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय या संबंधितविदेशी क्षेत्रीयपंजीकरण कार्यालय या संबंधित विदेशी पंजीकरण कार्यालय को सूचित करेगा।
  • अपनाए गए बच्‍चे के लिए भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए, विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण दत्‍तकग्रहण आदेश की प्राप्‍ति की तारीख से 3 कार्य दिवसों के भीतर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्‍तुत करेगा।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण दत्‍तकग्रहणआदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्‍त करने के 3 दिन की अवधि के भीतर दत्‍तकग्रहण करने वाले माता-पिता को माता-पिता के रूप में मानते हुए दत्‍तकग्रहण में रिकॉर्ड की गई जन्‍म की तारीखके साथ गोद लिए गए बच्‍चे का जन्‍म प्रमाणपत्रउनके नाम से प्राप्‍त करने के लिए जन्‍म प्रमाणपत्रजारीकरने वाले प्राधिकरण से संपर्क करेगा।
  • गोद लिया गया बालक पात्र पाए जाने पर भारतीय मूल का नागरिककार्ड प्राप्‍त करने का हकदार होगा।
  • दत्‍तक माता-पिता दत्‍तकग्रहण आदेश की तारीख में दो दिन की अवधि के भीतर अपने देश को गोद लिया गया बालक ले जाने के लिए भारत आएंगे।
  • यथास्‍थिति, प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण या केंद्रीय प्राधिकरण या भारतीय डिप्‍लोमेटिक मिशन या संबंधित सरकारी विभाग बालक के फोटो सहित अनुसूची XII में दिए गए फॉर्मेट में बालक दत्‍तकग्रहण संसाधनसूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणालीमें ऑनलाइनअपलोड करके प्रथम वर्ष के दौरान त्रैमासिक आधार पर तथा दूसरे वर्ष में 6 माह के आधार पर प्राप्‍तकर्ता देश में गोद लिए गए बालक के आने की तारीख से दो वर्षों के लिए गोद लिए गए बालक की प्रगति की रिपोर्ट देंगे।
  • प्रगतिरिपोर्ट के आधार पर या गोद लिए जाने के बाद किए गए घरेलू दौरों के क्रम में यदि प्राप्‍तकर्ता देश में प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण या केंद्रीय प्राधिकरण या संबंधित सरकारीविभाग के ध्‍यान में दत्‍तक माता-पिता के साथ बालक की कोई समायोजन समस्‍या आती है तो, जहां लागू हो, दत्‍तक माता-पिता और बालक के लिए आवश्‍यक परामर्श की व्‍यवस्‍था की जाएगी।
  • यदि यह पाया जाता है कि बालक दत्‍तक परिवार में समायोजित होने में सक्षम नहीं है या दत्‍तक परिवार में बच्‍चे का बना रहना बालक के हित में नहीं है तो यथास्‍थिति, प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण या केंद्रीय प्राधिकरण या प्राप्‍तकर्तादेशमें सरकारी विभागया संबंधित भारतीय कूटनीतिक मिशन बालक को वापस ले लेगा और भारतीयकूटनीतिक मिशन तथा प्राधिकरण के परामर्श से बालकके उपयुक्‍त वैकल्‍पिक दत्‍तकग्रहण या पोषण स्‍थापन की व्‍यवस्‍था करेगा।
  • दत्‍तकग्रहण के विघटन या रद्द होने की स्‍थिति में, बालक उस देश की बालक संरक्षण सेवाओं के माध्‍यम से तथा हेग दत्‍तकग्रहण समझौते के अनुमोदन वाले देशों के लिए हेग दत्‍तकग्रहणसमझौते के अनुसार देखरेख, संरक्षण और पुनर्वासन का हकदार होगा।
  • प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरणया केंद्रीय प्राधिकरण या संबंधित सरकारी विभाग आवश्‍यकतानुसार आवश्‍यक सहायता देने या बालक की वापसी को सुगम बनाने के लिए भारतीय कूटनीतिक मिशन से संपर्क करेगा।
  • प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण प्राधिकरण या केंद्रीय प्राधिकरण या संबंधित सरकारी विभाग गोद लिए गए भारतीयबालकों और उनके दत्‍तक माता-पिताओंके वार्षिक समारोह का आयोजन कर सकता है और प्राधिकरण को समारोह की रिपोर्ट भेज सकता है और भारतीय कूटनीतिक मिशन इन समारोहों को सुगम बनाएंगे।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता प्राप्‍तकर्ता देश में बालक के आगमन की तारीख से कम से कम दो वर्ष की अवधि के लिए दत्‍तक माता-पिता या परिवार के साथ बालक की प्रगति का पता लगाने के लिए, यथास्‍थिति, प्राधिकृत विदेशी दत्‍तकग्रहण अभिकरण या, विदेशी केंद्रीय प्राधिकरण या संबंधित सरकारी विभाग के प्रतिनिधि के व्‍यक्‍तिगत दौरों की अनुमति देंगे।
  • विदेशी भारतीय नागरिक या विदेशी नागरिक जो ऐसे देश का सदस्‍य है जिसने हेग समझौते का अनुसमर्थन किया है और आदतन निवासी है, बाल दत्‍तक संस्‍थान सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली को अपलोड करके उसमें निर्दिष्‍ट अपेक्षित दस्‍तावेजों के साथ अनुसूची VI में निर्दिष्‍टानुसारनिर्धारित फॉर्मेट में ऑनलाइन दत्‍तकग्रहण के लिए आवेदन करेगा। विदेशी भारतीय नागरिक या विदेशी नागरिक जो ऐसे देश का सदस्‍य है जिसने हेग समझौते का अनुसमर्थन किया है और आदतन निवासी है, बाल दत्‍तक संस्‍थान सूचना तथा दिशा-निर्देश प्रणाली को अपलोड करके उसमें निर्दिष्‍ट अपेक्षित दस्‍तावेजों के साथ अनुसूची VI में निर्दिष्‍टानुसारनिर्धारित फॉर्मेट में ऑनलाइन दत्‍तकग्रहण के लिए आवेदन करेगा।
  • आवेदन प्राप्‍त होने पर, भारत के उन दस्‍तावेजों जिन्‍हें स्‍वप्रमाणित किया जा सकता है के सिवाय यथोचित रूप से नोटरीकृत अपेक्षित दस्‍तावेजोंके साथ, प्राधिकरण अनुसूची VII में दिए गए फॉर्मेट में गृह अध्‍ययन रिपोर्ट तैयार करने के लिए विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण को मामला भेजेगा और विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली में गृह अध्‍ययन रिपोर्ट को अपलोड करेगा।
  • भावी दत्‍तक माता-पिता 48 घंटे के भीतर भेजे गए बालकों में से एक को आरक्षित कर सकते हैं और प्रक्रियाओं का अनुपालन विनियम 15 और विनियम 16 से 19 के उप विनियम (9), (10), (12), (13) के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
  • इन विनियमों के अंतर्गत की गई अपेक्षा के अनुसार गृह अध्‍ययन रिपोर्ट और अपलोड की गई प्रगति रिपोर्ट तैयार करने की भूमिका संबंधित विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण एजेंसी द्वारा निभाई जाएगी।
  • विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण बालक की फोटो सहित अनुसूची XII में दिए गए फॉर्मेट के अनुसार बालक दत्‍तकग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली में ब्‍यौरे को अपलोड करके पूर्वदत्‍तकग्रहण पोष देखरेख की तरीख से दो वर्षों की अवधि के लिए 6 माह के आधारपर बालक की प्रगति की रिपोर्ट देगा।
  • यदिदत्‍तक माता-पिता के साथ बालक की कोई समायोजन समस्‍या प्रगति रिपोर्ट के माध्‍यम से या पूर्व दत्‍तकग्रहण घरेलूदौरों के क्रम में विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण के ध्‍यान में आती है तो जहां भी लागू हो वहां दत्‍तक माता-पिता और बालकके लिए परामर्शकी व्‍यवस्‍था की जाएगी।
  • अनुवर्तन कार्यवाही के दौरान, यदि विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण यह पाता है कि बालक दत्‍तकग्रहण करने वाले परिवार में समायोजित होने में असमर्थ है या दत्‍तकग्रहण करने वाले परिवार में बालक का बने रहना बालक के सर्वोत्‍तम हित में है तो विनियम13 के उप विनियम (5), (6) और (7) में की गई प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
  • संबंधित कूटनीतिक मिशन यह भी सुनिश्‍चित करेगा कि गोद लिया गया बालक दत्‍तकग्रहण आदेश के पश्‍चात शीघ्र ही अपने माता-पिता के देश की नागरिकता प्राप्‍त कर लें और भावी दत्‍तक माता-पिता की राष्‍ट्रीयता के देश से बालक के पासपोर्ट की एक प्रति संबंधित प्राधिकरणतथाविशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण को भेजी जाए।
  • विदेशी भारतीय नागरिक या भारत में रहने वालेविदेशी दत्‍तक माता-पिता से इस संबंध में एक शपथपत्र देने की अपेक्षा की जाती है कि वे दत्‍तकग्रहण की तारीख से कम से कम दो वर्षों की अवधि के लिए यथास्‍थिति, विशिष्‍ट दत्‍तकग्रहण अभिकरण या जिला बालक संरक्षण एकक या राज्‍य दत्‍तकग्रहण संसाधन अभिकरण द्वारा प्रतिनिधि के व्‍यक्‍तिगत दौरों की अनुमति देगा।
  • विदेशी भारतीय नागरिक या भारत में रहने वाले भावी विदेशी दत्‍तक माता-पिता इस संबंधमें एक शपथपत्र देंगे कि यदि वे दत्‍तकग्रहण के पश्‍चात दो वर्षों के पूरा होने से पूर्व भारत से बाहर जाते हैं तो वे किसी भी स्‍थान पर अपनी मौजूदगी के बारे में प्राधिकरण को सूचित करेंगे, अपना नया पता देंगे और शेष अवधि के लिए प्राधिकरण को अपनी दत्‍तकग्रहण के प्रश्‍चात वाली प्रगति रिपोर्ट भेजना जारी रखेंगे।
  • यदि भावी दत्‍तक माता-पिता में से एक विदेशी है और अन्‍य भारतीय है तो इस प्रकार के मामले को भारत में रहने वाले भारतीयों के समतुल्‍य माना जाएगा।
  • यदि दोनों भावी दत्‍तक माता-पिता विदेशी हैं तो, इस प्रकार के मामले को विनियम 20 के प्रावधानों के अनुसार माना जाएगा।
  • भारतीय नागरिकों द्वारा विदेश में बालक के दत्‍तकग्रहण के लिए अपेक्षित औपचारिकताएं प्रारम्भ में उस देश के कानून एवं प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
  • भावीदत्‍तक माता-पिता की गृह अध्‍ययन रिपोर्ट (समर्थित दस्‍तावेजों सहित) बालक अध्‍ययन रिपोर्ट तथा चिकित्‍सा जांच रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर प्राधिकरण हेग दत्‍तकग्रहण समझौते के अनुच्‍छेद 5 और 17 के अंतर्गत प्राप्‍तकर्ता देश के रूप में भारत में आने वाले बालकों के दत्‍तकग्रहण के मामलों में अपेक्षानुसार अनुमोदन जारी करेगा।
  • भारतीय नागरिकों द्वारा विदेशों में अपनाया गया बालक जोविदेशी पासपोर्ट धारक हो तथा भारत आने के लिए भारतीय वीजा की आवश्‍यकताहो तो उसे संबंधित देश में भारतीय मिशन को वीजा के लिए आवेदन देना होगा जो सभी संबंधित दस्‍तावेजों की जांच के पश्‍चात बालक को प्रवेश वीजा जारी कर सकता है ताकि यह सुनिश्‍चित किया जा सके कि दत्‍तकग्रहण उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए किया गया है।
  • विदेश में अपनाए गए बालक के लिए आप्रवासन स्‍वीकृति उस देश के भारतीय कूटनीतिक मिशन के माध्‍यम से विदेश प्रभाग, गृह मंत्रालय में केंद्र सरकार से प्राप्त की जाएगी।