मुझे गर्भधारण की समस्‍या है

गर्भधारण की समस्‍या

ऐसी परिस्‍थितियां उत्‍पन्‍न हो सकती हैं, जब महिला को गर्भ गिराना पड़े । गर्भ के चिकित्‍सीय समापन अधिनियम, 1971 के अनुसार, इस बारे में कानूनी उपबंध नीचे दिए गए हैं :

गर्भवती महिला की सहमति से पंजीकृत चिकित्‍सा व्‍यवसायी द्वारा ही गर्भ गिराया जा सकता है, यदि
चिकित्‍सा व्‍यवसायी के मतानुसार महिला 12 सप्‍ताह से अधिक तक गर्भवती न रही हो; अथवा
महिला 12 सप्‍ताह से अधिक समय से गर्भवती है, लेकिन 20 सप्‍ताह से अधिक नहीं है । यदि कम से कम चिकित्‍सा व्‍यवसायियों का यह मत हो कि गर्भ को बनाए रखने से गर्भवती महिला के जीवन को खतरा है
अथवा उसके शारीरिक व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर गंभीर दुष्‍प्रभाव पड़ेगा; अथवा इस बात का भारी खतरा है कि यदि बच्‍चा पैदा होता है, तो वह ऐसी शारीरिक व मानसिक विषमताओं से ग्रस्‍त होगा, जिससे वह गंभीर रूप से विकलांग हो जाएगा ।

गंभीर मानसिक आघात में बलात्‍कार से धारित हुआ गर्भ और महिला या पुरुष दोनों में से किसी एक द्वारा प्रयुक्‍त गर्भनिरोधकों के दोष/विफलता के कारण धारित हुआ गर्भ शामिल है ।

तथापि, गर्भधारण की अवधि और कम से कम दो पंजीकृत चिकित्‍सा व्‍यवसायियों के मत से संबंधित शर्तें उस मामले में लागू नहीं होंगी, जहां पंजीकृत चिकित्‍सा व्‍यवसायी का यह मत हो कि गर्भवती महिला के जीवन की रक्षा के लिए गर्भ को गिरा देना तत्‍काल आवश्‍यक है ।

उपर्युक्‍त सभी मामलों में, गर्भवती महिला की सहमति के बिना गर्भ नहीं गिराया जाना चाहिए ।

अवयस्‍क लड़कियों और मानसिक रूप से रूग्‍ण महिलाओं के मामलों में अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य है ।

अवयस्‍क लड़कियों और मानसिक रूप से रूग्‍ण महिलाओं के मामलों में अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य है ।

गर्भ कौन गिरा सकता है?

कोई भी पंजीकृत चिकित्‍सा व्‍यवसायी, जिसके पास भारतीय चिकित्‍सा परिषद अधिनियम, 1956 के अनुसार कोई मान्‍यता-प्राप्‍त चिकित्‍सा अर्हता हो, जिसका नाम राज्‍य चिकित्‍सा पंजी में दर्ज हो और जिसे गर्भ के चिकित्‍सीय समापन अधिनियम में नियमानुसार स्‍त्री रोग विज्ञान तथा प्रसूति विज्ञान में अनुभव अथवा प्रशिक्षण प्राप्‍त हो ।

गर्भ कहां गिराया जा सकता है?

सरकार द्वारा स्‍थापित अथवा अनुरक्षित किसी अस्‍पताल में अथवा सरकार द्वारा इस बारे में अनुमोदित किसी स्‍थान पर