महिला शक्‍ति केंद्र (एमएसके) – ब्‍लॉक स्‍तर

1.महिला शक्‍ति केंद्र (एमएसके) – ब्‍लॉक स्‍तर

एमएसके – ब्‍लॉक स्‍तर ग्रामीण महिलाओं के सशक्‍तीकरण के लिए विद्यार्थी वालंटियर को शामिल करते हुए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्‍साहित करेगा। इसमें एक ऐसा वातावरण सृजित करने में मदद मिलेगी जिसमें महिलाओं को अपनी पूरी क्षमता महसूस होगी। यह स्‍कीम विद्यार्थियों के मध्‍य स्‍वैच्‍छिक सामुदायिक सेवा तथा लैंगिक समानता की भावना को भी प्रोत्‍साहित करेगी। ये विद्यार्थी ''परिवर्तन के अभिकर्ता'' के रूप में कार्य करेंगे और इनका अपने अपने समुदायों और राष्‍ट्र पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ेगा। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए उपलब्‍ध स्‍कीमों और सुविधाओं के संबंध में सूचना और ज्ञान के बीच का अंतर भी दूर होगा।

 

1.1. महिला शक्‍ति केंद्र ब्‍लॉक स्‍तरीय कवरेज :

पीएमएमएसके ब्‍लॉक स्‍तरीय पहलों के भाग के रूप में 115 अति पिछड़े जिलों में विद्यार्थी वालंटियर के माध्‍यम से समुदाय को शामिल करने की परिकल्‍पना की गई है। विद्यार्थी वालंटियर विभिन्‍न महत्‍वपूर्ण सरकारी स्‍कीमों/कार्यक्रमों तथा सामाजिक मुद्दों के संबंध में जागरूकता सृजन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे ग्रामीण महिलाओं के लिए सरकारी स्‍कीमों/कार्यक्रमों, प्रशिक्षण और क्षमता के बारे में जागरूकता सृजित करने के कार्य को पूरा करेंगे। ब्‍लॉक स्‍तरीय केंद्रों का संचालन ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति (बीएलसी) द्वारा किया जाएगा। इस ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति में निम्‍नलिखित सदस्‍य होंगे :

  • जिले से सरकारी प्रतिनिधि (जिला आयुक्‍त द्वारा नामित)
  • जिला/ब्‍लॉक में कालेजों से चार फैकल्‍टी
  • ब्‍लॉक से एक सरकारी प्रतिनिधि और
  • जिला आयुक्‍त (वैकल्‍पिक या जिला आयुक्‍त द्वारा नामित) द्वारा नामित सीएसओ/महिला एसएचजी से दो प्रतिनिधि।

प्रथम वर्ष (2017-18) में, ब्‍लॉक स्‍तरीय केंद्र की स्‍थापना द्वारा यथा सूचित 400 ब्‍लॉकों (प्रति जिला अधिकतम 8 ब्‍लॉक) को शामिल करते हुए नीति आयोग द्वारा यथा सूचित 115 पिछड़े जिलों में से 50 पिछड़े जिलों में की जाएगी। दूसरे वर्ष (2018-19) में पिछले वर्ष से 50 जिलों सहित शेष 65 जिले लिए जाएंगे। तीसरे वर्ष में, 6 माह के लिए 920 ब्‍लॉकों (अर्थात प्रति जिला 8 ब्‍लॉक) को शामिल करते हुए सभी 115 पिछड़े जिलों में गतिविधियां शुरू की जाएगी। दूसरे वर्ष के अंत में, इस स्‍कीम को विस्‍तार देने/जारी रखने का निर्णय लेने के लिए स्‍कीम का मूल्‍यांकन किया जाएगा।

वर्ष 2017-18 (6 माह) 2018-19 2019-20 कुल (2017-20)
ब्‍लॉक 400 (50 जिले – 8 ब्‍लॉक) 920 (गत वर्ष के 400 ब्‍लॉक + 65 जिलों से नए 520 ब्‍लॉक) 920 (गत वर्ष से सभी) 920
जिला 50 115 (50 गत वर्ष + 65 नए) 115 जिले (गत वर्ष से) 115

 

यदि ब्‍लॉकों की संख्‍या एक जिले में कम है तो अन्‍य जिले में और अधिक ब्‍लॉकों को शामिल किया जा सकता है। प्राथमिक रूप से चयनित जिले में सभी ब्‍लॉकों को शामिल किया जाना है। तथापि, शामिल ब्‍लॉकों की औसत संख्‍या प्रति जिला (8) से अधिक नहीं होनी चाहिए।

 

कोई भी फैकल्‍टी एक ब्‍लॉक स्‍तरीय केंद्र से अधिक का सदस्‍य नहीं होगा। तथापि, कुछ ब्‍लॉकों में कालेजों तथा उपयुक्‍त फैकल्‍टी की कमी होने की स्‍थिति में, जिला आयुक्‍त/जिला मजिस्‍ट्रेट एक से अधिक ब्‍लॉक के लिए एक ही फैकल्‍टी को नामित कर सकते हैं। इस स्‍थिति में, फैकल्‍टी को केवल एक ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति से मानदेय प्रदान किया जाएगा।

 

1.2 महिला शक्‍ति केंद्र : ब्‍लॉक स्‍तरीय कार्य

ब्‍लॉक स्‍तर पर शामिल की जाने वाली कुछ विशेष गतिविधियां निम्‍नलिखित हैं :-

  • संगठनों में शामिल होने के लिए महिलाओं को गतिशील बनाना, गांव के स्‍तर पर वर्तमान संगठनों को मजबूत बनाना।
  • ग्राम सभाओं और पीआरआई में प्रभावी भागीदारी के लिए सामुदायिक सदस्‍यों को सूचनात्‍मक और अन्‍य संसाधनों तक आसान पहुंच उपलब्‍ध करवाना।
  • पीआरआई संस्‍थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों जैसे ग्राम स्‍तर के संस्‍थानों की कार्य-प्रणाली में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना।
  • ग्राम सभाओं की बैठकों में भाग लेने के लिए महिलाओं को प्रोत्‍साहित करना।
  • सरकारी स्‍कीमों, कार्यक्रमों आदि सेवाओं (जैसा कि ऊपर वर्णित है) के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए फ्रंट लाइन कर्मचारियों के माध्‍यम से अभिसरण कार्यवाही को सुगम बनाना और अपने विकास के लिए बताए गए विभिन्‍न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रोत्‍साहित करना तथा पहुंच को सुधारने में मदद करना।
  • वर्तमान सरकारी तंत्र जैसे कि गरीबी/सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण, आधार (यूडीआइ), एमएनआरईजीएस नामांकन आदि के सूचीबद्ध होने के लिए पहचान स्‍थापित करने हेतु दस्‍तावेजों की तैयारी में महिलाओं को सुगम बनाना।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्‍कीम के कार्यान्‍वयन में डीएलसीडब्‍ल्‍यू को सहायता देना।
  • पंचायतों, वन स्‍टॉप केंद्र, वीएचएचएनसी/वीएचएनडी जैसे उचित मंचों में स्‍पष्‍टता तथा अनुवर्तन मामलों के माध्‍यम से शिकायत निपटारे को सुगम बनाना।
  • सहयोग के अवसरों का लाभ उठाने के लिए इसी क्षेत्र में अन्‍य स्‍थानीय सिविल सोसायटी संगठनों (सीएसओ)/गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) तथा उनके क्षेत्र में कार्य करने वाले स्‍टाफ के साथ समन्‍वय स्‍थापित करना।
  • विभिन्‍न कार्यक्रमों के अंतर्गत महिला एसएचजी/अन्‍य महिला संगठनों के मध्‍य निचले स्‍तर पर सहयोग को प्रोत्‍साहित करना।
  • राज्‍य में लैंगिक परिदृश्‍य दस्‍तावेज पहलों से स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, माइक्रोवित, आजीविका आदि जैसे विभिन्‍न क्षेत्रों में बेहतर पद्धतियों (सरकार, आरएसओ, पीआरआई) को चिन्‍हित करना।

1.3 महिला शक्‍ति केंद्र : ब्‍लॉक स्‍तरीय केंद्र स्‍थान

ब्‍लॉक स्‍तर पर ब्‍लॉक समिति के प्रतिनिधित्‍व वाला ब्‍लॉक स्‍तर सरकारी विभागों/पीआरआई में कार्यालयों वाले परिसर में स्‍थित होना चाहिए। ग्राम स्‍तर पर आंगनवाड़ी केंद्र महिला शक्‍ति केंद्र या विद्यार्थी वालंटियर के लिए आदर्श रूप से संपर्क स्‍थान होना चाहिए। जीपी/ग्राम स्‍तर पर उपलब्‍ध किसी अन्‍य बेहतर स्‍थान का उपयोग इसके लिए किया जा सकता है।

 

1.4 महिला शक्‍ति केंद्र – ब्‍लॉक स्‍तर – मानव संसाधन

ब्‍लॉक स्‍तर पर कार्यों को शुरू करने के लिए विद्यार्थी वालंटियर की सेवाएं ली जाएंगी। एनएसएस/एनसीसी संवर्ग के विद्यार्थियों की सहायता भी ली जा सकती है। प्रत्‍येक विद्यार्थी वालंटियर 6 माह में 200 घंटे की सामुदायिक सेवा प्रदान करेगा। इन विद्यार्थी वालंटियर को सरकार की विभिन्‍न स्‍कीमों और कार्यक्रमों के संबंध में अनुकूलन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। परिचायक प्रशिक्षण के लिए ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति (बीएलसी) महिलाओं की स्‍थानीय आवश्‍यकताओं तथा उपलब्‍ध संसाधनों के आधार पर उक्‍त परिचायक प्रशिक्षण देने के लिए संस्‍थान/स्‍वैच्‍छिक संगठन का चयन कर सकते हैं। विद्यार्थी वालंटियर के प्रत्‍येक बैच के लिए कम से कम तीन दिन का परिचायक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थी वालंटियर के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण महिला शक्‍ति केंद्र – ब्‍लॉक स्‍तर के अंतर्गत किए गए वर्णन के अनुसार कार्य करने के लिए समर्थ बनाएगा।

तीन वर्षों (2017-2020) में, प्रति जिला 8 ब्‍लॉकों तथा प्रत्‍येक 6 माह की अवधि पर प्रति ब्‍लॉक 100 विद्यार्थियों के औसत के अनुसार, लगभग 3,16000 विद्यार्थी वालंटियर की सेवाएं ली जाएंगी और प्रत्‍येक विद्यार्थी वालंटियर को 200 घंटों के कार्यों के पूरा होने के पश्‍चात सामुदायिक सेवा प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इस प्रमाणपत्र पर जिला/राज्‍य सरकार द्वारा पदनामितानुसार जिला आयुक्‍त/जिला मजिस्‍ट्रेट या किसी प्राधिकारी द्वारा हस्‍ताक्षर किए जाएंगे।

 

1.5. महिला शक्‍ति केंद्र – ब्‍लॉक स्‍तरीय मानव संसाधन चयन प्रक्रिया

विद्यार्थी वालंटियरों का चयन ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति द्वारा ब्‍लॉक के कालेजों से किया जाएगा। एनएसएस/एनसीसी संवर्ग के विद्यार्थियों की सहायता भी ली जा सकती है। महिला विद्यार्थियों को प्राथमिकता देते हुए चयनित किया जाएगा। यदि ब्‍लॉक के कालेजों में वांछनीय विद्यार्थी पर्याप्‍त रूप से उपलब्‍ध नहीं है तो, ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति जिला स्‍तर के कालेजों से चयन कर सकती है। आवश्‍यकता वाले मामलों में, 11वीं और 12वीं कक्षा की लड़कियों को भी ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति द्वारा चयनित किया जा सकता है।

 

1.6. महिला शक्‍ति केंद्र – ब्‍लॉक स्‍तरीय प्रतिपुष्‍टि तंत्र

राष्‍ट्रीय स्‍तर पर, निगरानी और प्रतिपुष्‍टि के लिए, वेबसाइट/आईटी उपकरण उपलब्‍ध करवाए जाएंगे। प्रश्‍नों, टिप्‍पणी के प्रस्‍तुतीकरण तथा शिकायत निपटारे के लिए, वेब आधारित ऑनलाइन प्रतिपुष्‍टि तंत्र विकसित किया जाएगा। विद्यार्थी वालंटियरों से गतिविधि चार्ट (वेब आधारित) तैयार करने की अपेक्षा की जाएगी जिसे ब्‍लॉक और जिला स्‍तर पर संकलित किया जाएगा और अंत में राज्‍य स्‍तर पर संकलित किया जाएगा। किए गए कार्यों से संबंधित रिपोर्टों और चित्रों को अपलोड करने के लिए पदनामित अधिकारियों को आवश्‍यक अनुमति दी जाएगी। प्रमाण पत्रों को जांच के लिए राष्‍ट्रीय पोर्टल पर दर्शाया जाएगा और भाग लेने वाले विद्यार्थी इनका उपयोग संसाधन/परिसंपत्‍ति के रूप में आजीवन कर सकते हैं।

 

1.7. महिला शक्‍ति केंद्र – ब्‍लॉक स्‍तर- निधियन पद्धति

महिला शक्‍ति केंद्र – ब्‍लॉक स्‍तर के लिए वार्षिक बजट (केंद्रीय हिस्‍सा) राज्‍य सरकार/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रशासन को दो किश्‍तों में जारी किया जाएगा। संबंधित राज्‍य सरकार/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रशासन (महिला एवं बाल विकास/समाज कल्‍याण विभाग) से राज्‍य में चयनित ब्‍लॉक स्‍तरीय केंद्र/केंद्रों के लिए यूसी और एसओई प्रस्‍तुत करने की अपेक्षा की जाती है।

 

महिला शक्‍ति केंद्र – ब्‍लॉक स्‍तर के लिए कुल वार्षिक बजट तालिका 5 में देखा जा सकता है।

मानदेय पदों की संख्‍या प्रति माह (रुपये) वार्षिक लागत (रुपये में)
तालिका 5 प्रति महिला शक्‍ति केंद्र ब्‍लॉक/तहसील स्‍तर का वार्षिक बजट
ब्‍लॉक स्‍तरीय समिति में फैकल्‍टी का प्रतिनिधि 4 3000 144000
ब्‍लॉक स्‍तरीय कार्यालयी प्रतिनिधि (जिला आयुक्‍त द्वारा मनोनित) 1 2000 24000
विद्यार्थी वालंटियर 1 26,250 3,15,000
गैर आवर्ती व्‍यय      
संस्‍थापना शुल्‍क (कम्‍प्‍यूटर सॉफ्टवेयर, प्रिंटर, लैपटॉप, कैमरा आदि सहित)   एकमुश्‍त 300000
आवर्ती व्‍यय      
कार्यालयी व्‍यय (किराया/सेवा/साफ्टवेयर सहित)   एकमुश्‍त 200000
गतिविधि/कार्यक्रम लागत – बैठकें, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण, परामर्श, संसाधन व्‍यक्‍तियों की गतिशीलता आदि   एकमुश्‍त 300000
आईईसी सामग्री     400000
लचीली निधि (जिला स्‍तरीय कार्य बल द्वारा निर्णय किया जाना है)     168000
कुल     3536000

200 घंटे = 25 दिन (8 घंटा प्रति दिन) – 50 रुपये प्रति घंटा 400 रुपये प्रति दिन अर्थात 300 रुपये प्रति दिन + 100 रुपये यात्रा लागत की कोटि में आता है।