बचत और निवेश

जब आप अपनी व्यस्त जिंदगी जीते हैं तो धनराशि को बचा कर रखने के लिए बचत और निवेश एक महत्वपूर्ण तरीका है ताकि आप भविष्य में अपने कार्यों को पूरा करने के लिए उसका उपयोग कर सकें। निवेश मूलतः"काम बेहतर करो और जुझते हुए नहीं" के बारे में है। हम में से अधिकांश अपना कार्य कड़ी मेहनत से करते हैं,चाहे वह किसी और के लिए कर रहे हों या स्वयं अपने व्यवसाय के लिए। हम अक्सर लंबे अरसे तक काम करते रहते हैं,जिसमें त्याग की जरूरत होती है और अक्सर तनाव भीबना रहता है।अपनी कड़ी मेहनत की कमाई में से कुछ निकाल कर कुछ निवेश करना,हम जितना कमाते हैं,उससे अधिक अर्जित करने का एक तरीका है। यहां हम आपको बचत और निवेश से परिचय करायेंगे । किसी भी योजना/स्कीम में अपनी धनराशि रखने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करना सुनिश्चित करें। कुछ प्रमुख निवेश विकल्प इस प्रकार हैं:

 

  • यह सबसे सुरक्षित और सबसे संरक्षित दीर्घकालिक निवेश स्कीम है। यह कर मुक्त है।
  • बैंक या डाकघर में खोले गए पीपीएफ खाते की धनराशि 15 साल की अवधि के लिए लॉक हो जाती है और इस खाते से आप चक्रवृद्धि ब्याज कमा सकते हैं। आप अगले पांच साल के लिए समय-सीमा का विस्तार भी कर सकते हैं।
  • इस पीपीएफ खाते का एकमात्र दोष यह है कि आपको 6ठे वर्ष के अंत में अपने निवेश की कतिपय रकम कोही वापस लेने की अनुमति मिलती है। अगर आपको इसकी आवश्यकता हो तो पीपीएफ खाते की शेष राशि पर आप ऋण ले सकते हैं।
  • पीपीएफ खाता खोलने और उसे चलाने के लिए केवल हर वर्ष रु. 500/- की न्यूनतम वार्षिक धनराशि जमाअपेक्षित है और खाते में अधिकतम 1.5 लाख रूपये वार्षिक जमा किये जाने हेतुअनुमति दी जाती है। .
  • मासिक आय योजना (एमआईएस) भारतीय डाक सेवा की एक निवेश योजना है। 2017-2018 की पहली तिमाही यानि 01अप्रैल 2017 - 30 जून,2017के लिए ब्याज दर 7.6% है। हर बदलते वर्ष के साथ ब्याज में परिवर्तन होता है। .
  • मासिक आय योजना (एमआईएस) के लिए परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है।.
  • 5 साल की अवधि के अंत मेंआप वह पूरी धनराशि वापस प्राप्त कर सकते हैं जिसे आपने निवेश किया था। कहने की जरूरत नहीं है,आपको इस पूरी अवधि के लिए अपनी निश्चित मासिक आय प्राप्त होती है।.
  • हालांकि,अगरआपको 5 साल की अवधि की समाप्ति से पहले धनराशि वापस लेनी है,तो उसकी संभावित स्थिति इस प्रकार रहती है:
    • 1 वर्ष के भीतर जमाराशि वापस लेते हैं तो आपको अपनी जमा राशि वापस मिल जाएगी किंतु कोई ब्याज नहीं मिलता।
    • 1-3 वर्षों में जमाराशि वापस लेना – आपको 2% की मामूली कटौती (दंड के रूप में) के बाद अपनी जमा वापस मिलती है।
    • 3 साल के बाद जमाराशि वापस लेना – आपको 1% मामूली कटौती (जुर्माना के रूप में) के बाद अपनी जमा वापस मिलती है।
  • मासिक आय योजना (एमआईएस) खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में अंतरणीय है।.
  • प्रत्येक डाकघर में जमा करने के लिएअलग खाता खोलना होगा।.
  • सावधि के अंत में प्राप्त हुई परिपक्वता राशि को डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस) में पुनर्निवेश किया जा सकता है।
  • निवेशक अपने डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस)खाते के लिए नामिति भी नियुक्त कर सकता है। इसलिए,उसके असामयिक मृत्यु के मामले मेंउनका नामिति व्यक्ति धनराशि पाने का हकदार हो जाता है। .
  • मूलधन रकम पर कोई टीडीएस (स्रोत परकर की कटौती) नहीं होती है। तथापि, इस पर अर्जित ब्याज कर योग्य होता है।.
  • भारत सरकार 6वर्षीय परिपक्वता अवधि के 8% बचत बांड जारी करती है।.
  • निर्दिष्ट वितरकों सहित सभी प्रकार की अवधि के बांड उपलब्ध रहते हैं जिनके माध्यम से आप उनमें निवेश करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।.
  • निवेशक एकल,संयुक्त आधार या किसी एक या उत्तरजीवि व्यक्ति को देय आधार पर भारत सरकार के 8% बचत बॉन्डके लिए आवेदन कर सकते हैं ।
  • निवेशक इन बांडों के लिए साधारण फॉर्म भर कर और वितरक की सेवाओं का उपयोग करके केवल ऑफ़लाइन आवेदन कर सकते हैं। एसबीआई, एक्सिस, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी जैसे बैंकों और भारतीय स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसे वित्तीय संस्थानों के माध्यम से जारी किये गएबांडकागजीप्रारूप में उपलब्ध होते हैं। आवंटन हो जाने परप्रमाण पत्र निवेशकों को कूरियर से भेजे जाते है। ये बांड अहस्तांतरणीण होते हैं।
  • निवेशक इन बांडों पर 8% प्रतिवर्ष का ब्याज अर्जित कर सकते हैं और संचयी या गैर-संचयी विकल्प चुन सकते हैं। गैर-संचयी विकल्प के मामले मेंब्याज या तो 1 फरवरी या 1 अगस्त को अर्धवार्षिक भुगतान किया जाता है। जिन निवेशकों ने संचयी विकल्प का चयन किया है, छह साल के अंत में निवेश का मूल्य प्रत्येक 1000 रुपये के निवेश के लिए 1601/- रुपयेहोगा।
  • आपको न्यूनतम 1000 रुपये का निवेश करना होगालेकिन कोई अधिकतम सीमा नहीं है, किंतु 1000 रुपये के गुणकों में होना चाहिए।.
  • आपके कर स्लैब के अनुसार बांड से ब्याज आय कर योग्य होती है।.
  • सावधि जमा (एफडी), जिसे टर्म डिपॉज़िट भी कहा जाता है,ऐसा निवेश है जहां निर्दिष्ट अवधि में ब्याज दर कोपरिवर्तित नहीं करने की गारंटी होती है,इसलिए आप वास्तव में जानते हैं कि आपके निवेश की कीमत क्या है। आम तौर परजमा की अवधि लम्बी होती है तो ब्याज की दर अधिक होती है।
  • भारत में प्राय: सावधि जमाराशि पर जमाराशि की तारीख से हर तीन महीने में ब्याज का भुगतान किया जाता है। यह ब्याज ग्राहकों के बचत बैंक खाते में जमा किया जाता है या चेक द्वारा उनको भेज दिया जाता है। यह एक सरल सावधि जमा (एफडी) है।.
  • ग्राहक सावधि जमा (एफडी) खाते में ब्याज के पुनर्निवेश के विकल्प का चयन कर सकता है। इस मामले में,जमाराशि को संचयी सावधि जमा या चक्रवृद्धि ब्याज सावधि जमा कहा जाता है। ऐसी जमाराशियों के लिए, अवधि के अंत में जमाराशि की परिपक्वता पर निवेशित राशि के साथ ब्याज का भुगतान किया जाता है।.
  • यद्यपि बैंक जमा राशि की समाप्ति/परिपक्वता से पहले सावधि जमा (एफडी) को चुकाने से इन्कार कर सकते हैं,लेकिन वे आम तौर पर ऐसा नहीं करते हैं। इसे समय से पहले आहरण के रूप में जाना जाता है। ऐसे मामलों मेंआहरण के समय लागू दर से ब्याज का भुगतान किया जाता है। उदाहरणार्थ, जमाराशि 5 साल की अवधि के लिए 8% पर रखी जाती है,लेकिन 2 साल बाद इसका आहरण कियाजाता है। यदि 2 वर्ष के लिए जमा की तारीख पर लागू दर 5 प्रतिशत हैतो ब्याज का भुगतान 5% की दर से किया जाएगा। बैंक समय से पहले आहरण के लिए जुर्माना लगा सकता है।.
  • अगर किसी बैंक में ग्राहक को ब्याज का भुगतान वित्तीय वर्ष में 10,000/- रुपये से अधिक जाता है तो बैंकों द्वारा सावधि जमा (एफडी) पर कर कटौती की जाती है। यह प्रति ग्राहक देय ब्याज और पुनर्निवेशित ब्याजदोनों के लिए लागू होता है।.
  • भारत में बालिकाओं के कल्याण के लिएप्रधान मंत्री ने वर्ष 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना नामक स्कीम शुरू की है। इसके तहत, बालिका के माता-पिता या अभिभावक उसकी उच्च शिक्षा के लिए धनराशि की बचत कर सकते हैं। यह बचत खाता डाकघर या किसी भी प्राधिकृत बैंक में खोला जा सकता है।.
  • सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज दर देश में सबसे ज्यादा है। - 2017-2018 पहली तिमाही(यानि 1 अप्रैल 2017 से 30 जून 2017 तक) के लिए 8.4% है। .
  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किया गया निवेश आयकर से मुक्त है। .
  • खाते में रु.1000 की न्यूनतम रकम सालाना जमा करना पड़ती हैऔर ऐसा न करने पर 50 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा जिसकी खाते से कटौती की जाएगी।जबकि इस योजना के तहत खाते में अधिकतम राशि 1,50,000 रुपये तक जमा की जा सकती है।.
  • जब लड़की की उम्र 18 वर्ष की हो जाती है तो विवाह अथवा उच्च शिक्षाके लिए आंशिक आहरण की अनुमति दी जाती है।.
  • बालिकाके नाम पर उसके माता-पिता या अभिभावक द्वारा खाता खोला जा सकता है और जब तक वह 18 वर्ष की आयु की नहीं हो जाती है उसकी ओर से उनके द्वारा खाता संचालित किया जा सकता है।.
  • सुकन्या समृद्धि योजना का उपयोग किसी भी उस लड़की के लिए किया जा सकता है जो 10 वर्ष की या उससे कम की हो ।.
  • कन्या का जन्म प्रमाण-पत्र मुख्य दस्तावेज़ है जो सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए आवश्यक है।.
  • खाता खोलने की तारीख से खाते की परिपक्वता अवधि 21 वर्ष है।.
  • सुकन्या समृद्धि योजना एक हस्तांतरणीय जमा योजना है और इस तरह इसे किसी एक प्राधिकृत बैंक से दूसरे बैंक में और डाकघर से किसी भी अधिकृत बैंक में और विपरीत क्रम से अंतरित किया जा सकता है।.
  • सुकन्या समृद्धि खाते को केवल तब ही बंद किया जा सकता है जब लड़की की उम्र 21 वर्ष की हो जाती है। यदि खाता बंद नहीं किया जाता है और बालिका की आयु 21 साल होने के बाद भी धनराशि आहरित नहीं की जाती है तब भी खाताब्याज अर्जित करता रहताहै।.
  • राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र ब्याज दर,सुरक्षित निवेश और कर-लाभ का संयोजन है। राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) डाकघर द्वारा जारी किए जाते हैं और भारतीय डाक सेवा की किसी भी शाखा से प्राप्त किये जा सकते हैं।.
  • कोई व्यक्ति एक विशिष्ट राशि का राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र (एनएससी)खरीदता है उसे आपका निवेश माना जाता है। निवेशक सरकार द्वारा यथा निर्धारित मूल्यवर्ग के राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र/त्रों (एनएससी ) अपनी सुविधानुसार रकम में खरीद सकता है। एक बार जब निवेश कर दिया जाता है,यह खरीदे गए प्रमाण पत्र सेसम्बद्ध दर पर आधारित ब्याज दर अर्जित करता रहता है।.
  • इन प्रमाण-पत्रों की परिपक्वता तिथि खरीद की तारीख से 5 या 10 साल है लेकिन ब्याज की गणना वार्षिक आधार पर की जाती है। ब्याज सर्टिफिकेट धारक को तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक निवेश परिपक्व नहीं हो जाता है। अर्जित ब्याज को राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र/त्रों (एनएससी) में पुनर्निवेशितक्या जा सकता है।.
  • दो प्रकार के राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी)होते हैं जो डाकघर में उपलब्ध हैं :
    • राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) निर्गम VIII:यह उन लोगों को निवेश का अवसर प्रदान करता है जो एक ही समय में सुरक्षित लिखतों में निवेश करने और कर लाभ हासिल करने की तलाश में रहते हैं। ये प्रमाण पत्र 100 रूपये से 10,000 रूपये के मूल्य वर्ग की रैंज में मिलते हैं। लेकिन इनकी ब्याज दर एक बार निर्गम IX के लिए प्रदत्त की तुलना में थोडी कम है। वे 5 साल की परिपक्वता अवधि के साथ आते हैं।.
    • राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) निर्गम IX: निर्गम IX प्रमाण पत्र भी 100 रूपये से 10,000/-रुपये के मूल्यवर्ग में मिलते हैं लेकिन ब्याज दर निर्गम VIII की तुलना में थोडी अधिक होती है। उनकी परिपक्वता अवधि10 साल तक है। जैसा कि निर्गम VIII के मामले में भी है,निवेश की ऐसी कोई सीमा नहीं है लेकिन इसमें न्यूनतम निवेश 100 रूपये का होता है। .
  • राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) के तहत उपलब्ध दो रूपों के अलावाभी इसमें निवेश के अलग-अलग तरीके हैं जिनके तहत ये प्रमाण पत्र रखे जा सकते हैं। य़ेइस प्रकार हैं:
    • एकल धारक प्रकार के प्रमाण-पत्र (सिंगल होल्डर टाइप सर्टिफिकेट): यह एकल व्यक्ति को जारी किया गया है और केवल एक व्यक्ति द्वारा ही रखा जा सकता है। वह प्रमाण पत्र के लिए नामांकन व्यक्ति नियुक्त कर सकता है लेकिन केवल वे ही उनके बारे म निर्णय लेंगे। यह प्रमाण पत्र किसी वयस्क या किसी नाबालिग की ओर से वयस्क को प्रदान किया जा सकता है।.
    • संयुक्त 'ए' टाइप सर्टिफिकेट: इसे दो वयस्क धारकों के लिए जारी करते हैं और जब प्रमाण पत्र परिपक्व होता है तो दोनों के लिए प्रदेय है। यह धारकों में से किसी के द्वारा संचालित किया जा सकता है और दोनों धारकों के हस्ताक्षर की आवश्यकता इनको अंतरित अथवा निरस्त करने या नामांकन को बदलने की जरूरत पडने पर होगी।.
    • संयुक्त 'बी' टाइप सर्टिफिकेट: यह संयुक्त 'ए' टाइप सर्टिफिकेट के समान ही है। यह भी दो वयस्कों को जारी किया जा सकता है जो प्रमाण पत्र को धारण और संचालित कर सकते हैं। हालांकि, संयुक्त 'ए' प्रकार प्रमाण पत्र के विपरीत, यह परिपक्वता मूल्य दो धारकों में से किसी एक को देता है।.
  • यह प्रमाणित बैंकों के साथ-साथ पूरे भारत में डाक घर के नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध है।
  • इस बचत योजना को 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए अधिनामित किया गया है। कुछ शर्तों में55 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के व्यक्ति भी सफलतापूर्वक आवेदन कर सकते हैं।.
  • प्रति एससीएसएस खाते में केवल एक जमाराशि की ही अनुमति दी जाती है। 15 लाख रुपये की अधिकतम स्वीकार्य निवेश के साथ 1000 रुपये के गुणकों में जमाराशि होना चाहिए।.
  • एससीएसएस खाते/अकाउंट में जमा धनराशि पर ब्याज 31 मई / 30 सितंबर / 31 दिसंबर को पहली तारीख को देय होता है और उसके बाद 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को ब्याज देय होता है।.
  • इस बचत योजना की अधिकतम अवधि 5 वर्ष है। हालांकि,परिपक्वता के बादअवधि को अगले 3 वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।.
  • आवेदक एक साथ कई खातों को एक साथ, अलग-अलग या एक संयुक्त खाता धारक, जो पति या पत्नी है,के साथ संचालित कर सकता है ।.
  • यदि प्रारंभिक धनराशि 1 लाख रुपये से कम हैतो नकदी के माध्यम से निवेश स्वीकार्य है। अगर यह धनराशि 1 लाख रुपये से अधिक हैतो चेक का उपयोग किया जाना चाहिए।.
  • खाते को एक बैंक / डाकघर से दूसरे बैंक/डाकघर में अंतरित किया जा सकता है।.
  • एससीएसएस नामांकन की सुविधा प्रदान करता है जो खाता खोलने के समय या बाद में खातेकेसंचालन के दौरान भी किया जा सकता है।.
  • यदि जमाकर्ता खाते को समय से पहले बंद करने का विकल्प चुनता है तो निम्नानुसार अर्थदंड लागू होता है - एक वर्ष के बाद जमा राशि का 1.5% और दो साल के बाद जमाराशि का 1%। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के खाते को समयपूर्व बंद किया जाना केवलतभी संभव है जब खाते का परिचालन कम से कम एक वर्ष तक रहा हो ।.
  • संयुक्त खातों के मामले मेंप्रथम खाताधारक को निवेशक समझा जाता हैजबकि दूसरे हितधारक को प्राथमिक खाता धारक का पति या पत्नी होना चाहिए।.
  • यदि निवेशित धनराशि पर उपचित ब्याज 10,000 रूपये प्रति वर्ष से अधिक हो जाता तो स्रोत पर कर की कटौती की जाती है।.