परिवार नियोजन
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परिवार नियोजन की आवश्‍यकता

  • परिवार नियोजन से किसी व्‍यक्‍ति या परिवार को इच्‍छानुसार संतान की संख्‍या तथा गर्भधारण के बीच समय-सीमा पर नियंत्रण करने में सहायता मिलती है।
  • अनियोजित या अनपेक्षिक गर्भधारण से बचाव के लिए महिलाओं तथा युगलों के लिए गर्भनियोजन पद्धतियों के प्रयोग के माध्‍यम से परिवार नियोजन सुरक्षित रखता है। इसलिए परिवार नियोजन के गर्भनिरोधक का प्रयोग आवश्‍यक है।

परिवार नियोजन क्‍यों आवश्‍यक है?

  • परिवार नियोजन से गर्भधारण के बीच समय-सीमा की छूट देना है तथा स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के उच्‍चतर जोखिम वाली महिलाओं को गर्भधारण में देरी की भी सुविधा प्रदान करता है। परिवार नियोजन शुरू करके, किसी महिला को बच्‍चे को संभावित बीमारी या स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी चिंता से बचाया जा सकता है।
  • परिवार नियोजन बीमारी के समय की प्रसूतियों को कम करता है तथा रोकता है जिससे नवजात मृत्‍यु दर होती थी। इससे प्रसूती के समय महिला के मृत्‍यु दर में भी गिरावट आई है।
  • यह एचआईवी/एड्स के खतरे को भी कम करता है क्‍योंकि अनपेक्षित गर्भधारण से बचाव के साथ-साथ एचआईवी/एड्स जैसी यौन संक्रमणों से भी बचाव करता है।
  • इससे किशोरावस्‍था में गर्भधारण को कम करने में सहायता मिलती है, जिससे उच्‍च नवजात मृत्‍युदर की संभावना बनी रहती है।
  • जब बात जनसंख्‍या कम करने की आती है तथा पर्यावरण एवं आर्थिक स्‍थिति में इसके नकारात्‍मक प्रभाव से बचाव की आती है, परिवार नियेाजन एक महत्‍वपूर्ण कारक के रूप में सामने आती है।

 

गर्भपात

  • ऐसी परिस्‍थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है जिसमें एक महिला को गर्भपात करवाना पड़ सकता है। मेडिकल गर्भपात अधिनियम, 1971 के अनुसार, इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों का विवरण नियमानुसार है:-
  • गर्भवती महिला की अनुमति के साथ पंजीकृत चिकित्‍सक गर्भपात करवा सकता है जब –
    • जब चिकित्‍सक की राय में गर्भधारण 12 सप्‍ताह से अधिक का न हो, या
    • दो पंजीकृत चिकित्‍सकों की सलाह से 12 सप्‍ताह से अधिक परंतु 20 सप्‍ताह से अधिक न हो, तो गर्भधारण से महिला के जीवन पर खतरा हो या उसे गंभीर शारीरिक या मानसिक समस्‍या हो सकती है; या
    • फिर यह खतरा हो कि जन्‍म लेने वाला शिशु इस प्रकार के शारीरिक या मानसिक असंतुलन हो जो गंभीर रूप से अपंगता का कारण बने।
  • गंभीर मानसिक चोट में जो बलात्‍कार के कारण गर्भधारण और दोनों युगलों में से गर्भनियोजात्‍मक त्रुटि/गलती के कारण हो, शामिल हैं।
  • तथापि, गर्भावस्‍था की समय-सीमा से संबंधित स्‍थितियां और कम से कम दो पंजीकृत मैडिकल प्रेक्‍टिशनर की राय ऐसे मामले में लागू नहीं होगी जहां पंजीकृत मैडिकल प्रेक्‍टिशनर का यह मानना है कि गर्भवती महिला के जीवन को बचाने के लिए ऐसी गर्भावस्‍था को समाप्‍त करना आवश्‍यक है।
  • उपरोक्‍त समस्‍त गर्भधारण को बिना गर्भवती महिला की सहमति से समाप्‍त नहीं किया जा सकता। छोटी लड़कियों और मानसिक रूप से बीमार महिलाओं के लिए अभिभावक की लिखित सहमति आवश्‍यक है।

 

कौन गर्भपात कर सकता है?

कोई भी मान्‍यताप्राप्‍त चिकित्‍सक जिसके पास भारतीय मेडिकल परिषद अधिनियम-1956 के अनुसार मेडिकल अर्हता हो, जिसका नाम राज्‍य मेडिकल रजिस्‍टर में दर्ज हो और एमटीपी अधिनियम के अनुसार स्‍त्रीरोग या आब्‍सट्रीक्‍स में अनुभव या प्रशिक्षण लिया हो।

 

गर्भपात कहां करवाया जा सकता है?

सरकार द्वारा स्‍थापित या अनुरक्षित किसी अस्‍पताल, या इससे संबंधित सरकार द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त किसी स्‍थान। अधिक विस्‍तृत जानकारी के लिए मेडिकल टर्मीनेशन ऑफ प्रेग्‍नेंसी अधिनियम, 1971 के पूरे पाठ को पढ़ें।