दिशानिर्देश

महिलाओं के लिए राज्‍य संसाधन केंद्र

 

महिलाओं के लिए राज्‍य संसाधन केन्‍द्र अपनी-अपनी राज्‍य सरकार/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रशासन के महिला एवं बाल विकास/समाज कल्‍याण विभाग के अधीन कार्य करेगा । महिला शक्‍ति केंद्र स्‍कीम के अंतर्गत एस आर सी डब्‍ल्‍यू के लिए पांच पदों, अर्थात् राज्‍य परियोजना समन्‍वयक-। ; जैंडर विशेषज्ञ-।; प्रशिक्षण और अनुसंधान अधिकारी-2 तथा सहायक-I का प्रावधान किया गया है । एस आर डब्‍ल्‍यू सी सरकार के महिलाओं से संबंधित सभी स्‍कीमों और कार्यक्रमों के क्रियान्‍वयन में अपनी-अपनी राज्‍य सरकारों/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रशासनों के महिला एवं बाल विकास/समाज कल्‍याण विभाग की सहायता करेगा ।

 

1.1कृत्‍य :

 

महिलाओं के लिए राज्‍य संसाधन केंद्र महिलाओं को प्रभावित करने वाले अन्‍तर-क्षेत्रक मुद्दों पर अनुसंधान शुरू करके, जैंडर से संबंधित आंकड़ों के अनुरक्षण तथा प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों में संलग्‍नता के द्वारा ध्‍यान केंद्रित करने के लिए अधिदेशित हैं, जिससे कि महिलाओं, विशेषकर कमजोर और सीमान्‍त समुदायों की महिलाओं पर चर्चा को प्रमुखता देते हुए उनसे संबंधित मुद्दों को बेहतर तरीके से समझा जा सके ।

एस आर सी डब्‍ल्‍यू की भूमिका में निम्‍नलिखित शामिल हैं :

  • राज्‍य स्‍तर पर महिला केंद्रित स्‍कीमों (जैसे वन स्‍टॉप सैंटर, महिला हैल्‍पलाइन, महिला पुलिस वालेंटियर आदि) के क्रियान्‍वयन में सहायता के लिए तकनीकी निकाय के रूप में कार्य करना और संकेन्‍द्रण पहलों के माध्‍यम से इस प्रकार के कार्यक्रमों की प्रभावशीलता में सुधार करने के उपाय करना।
  • जिला और ब्‍लॉक स्‍तर पर बीबीबीपी और एमएसके के लिए तकनीकी और समन्‍वय संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए परियोजना प्रबन्‍धन इकाई के रूप में कार्य करना ।
  • महिलाओं को प्रभावित करने वाली मौजूदा नीतियों, कार्यक्रमों और कानूनों की नियमित रूप से समीक्षा और मूल्‍यांकन करना तथा राज्‍य सरकार/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रशासन को उपयुक्‍त सिफारिशें करना ।
  • जैंडर संवेदी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण मॉड्यूल विकसित और क्रियान्‍वित करना । इस संबंध में कार्यनीति में विभिन्‍न हितधारकों (निर्वाचित प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, क्षेत्र कर्मचारियों सहित कर्मचारियों, महिला समूहों के सदस्‍यों तथा व्‍यक्‍तियों) की आवश्‍यकताओं, प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों (संचेतना, जागरुकता विकास, तकनीकी कौशल, व्‍यवहार संबंधी बदलाव), कार्यनीतियों (सीधे अथवा अभिकरणों के माध्‍यम से) आदि को ध्‍यान में रखे जाने की जरूरत है ।

1.2 गतिविधियां

  • राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र विशिष्‍ट महिला मुद्दों पर राज्‍य के समाज कल्‍याण/महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुमोदन से कार्य योजनाएं तैयार करना ।
  • सरकारी कार्यक्रमों, स्‍कीमों और सेवाओं के संकेन्‍द्रण की प्राप्‍ति में आने वाली मौजूदा या सम्‍भावित समस्‍याओं का पता लगाना ।
  • स्‍कीमों/कानूनों की रूपरेखा प्रक्रिया तैयार करने और प्रदायगी के अभिकर्ताओं का निर्धारण करने के लिए राज्‍य में विभिन्‍न विभागों/अभिकरणों/मिशनों के साथ समन्‍वय स्‍थापित करना ।
  • डी एल सी डब्‍ल्‍यू और एम एस के- ब्‍लॉक स्‍तर की गतिविधियों के क्रियान्‍वयन को सुगम बनाना और उसकी मॉनीटरिंग करना ।
  • जैंडर परिप्रेक्ष्‍य से सरकारी स्‍कीमों की मानीटरिंग और समीक्षा के लिए मौजूदा संस्‍थाओं और संरचनाओं के साथ संपर्क ।
  • महिला सशक्‍तिकरण को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां शुरू करने के लिए पंचायती राज संस्‍थाओं, सिविल सोसाइटी संगठनों तथा निजी क्षेत्र के साथ भागीदारी के मॉडल विकसित करना ।
  • स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, लघु वित्‍त, आजीविका आदि जैसे विभिन्‍न क्षेत्रों में जैंडर परिप्रेक्ष्‍य से सर्वोत्‍तम प्रथाओं (सरकार, सिविल सोसाइटी संगठनों, पंचायती राज संस्‍थाओं) का पता लगाना, पहलों का प्रलेखीकरण और राज्‍य में उनका प्रचार-प्रसार करना ।
  • राज्‍य में विभिन्‍न महिला केंद्रित स्‍कीमों और कार्यक्रमों (डी एल सी डब्‍ल्‍यू और एम एस के सहित) के क्रियान्‍वयन की स्‍थिति पर नियमित रूप से रिपोर्टें भेजना ।
  • महिला सशक्‍तीकरण के क्षेत्र में सर्वोत्‍तम प्रथाओं के राष्‍ट्रीय सूचना भण्‍डार में योगदान ।

1.3.रिपोर्टिंग तंत्र

  • एसआरसीडब्‍ल्‍यू के कार्यकरण की समीक्षा करने के लिए महिला एवं बाल विकास/समाज कल्‍याण के प्रधान सचिव की अध्‍यक्षता में राज्‍य-स्‍तरीय कार्य बल का गठन किया जाए, जिसमें अन्‍य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि सदस्‍यों के रूप में शामिल हों । कार्य बल को एसआरसीडब्‍ल्‍यू के कार्यकरण की मानीटरिंग, समन्‍वय, समीक्षा और त्रुटियों को दूर करने के कार्य में शामिल किया जाएगा । .
  • एसआरसीडब्‍ल्‍यू द्वारा शुरू की गई गतिविधियों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट के साथ-साथ उपयोग प्रमाण-पत्र तथा एसओई संबंधित राज्‍य सरकार/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रशासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजे जाने हैं ।

1.4. निधियन :

  • केंद्र सरकार और राज्‍यों के बीच लागत की हिस्‍सेदारी 60:40 के अनुपात में होगी । परंतु, पूर्वोत्‍तर राज्‍यों तथा विशेष श्रेणी के राज्‍यों के बीच यह अनुपात 90:10 होगा । संघ राज्‍य क्षेत्रों के लिए शत-प्रतिशत केंद्रीय निधियन होगा ।
  • एसआरसीडब्‍ल्‍यू के लिए वार्षिक बजट (केंद्र का हिस्‍सा) राज्‍य सरकार/संघ राज्‍य क्षेत्र प्रशासन को दो किस्‍तों में निर्मुक्‍त किया जाएगा । बजट का ब्‍यौरा तालिका-। में देखा जा सकता है । उन राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों के लिए स्‍थापना लागत के लिए एकमुश्‍त अनावर्ती अनुदान (तालिका-2 के अनुसार) निर्धारित किया गया है, जिन्‍हें एसआरसीडब्‍ल्‍यू की स्‍थापना पर उक्‍त राशि अभी खर्च करनी है ।
  • इसके अलावा, राज्‍य स्‍तर पर बीबीबीपी स्‍कीम के अंतर्गत गतिविधियां शुरू करने के लिए बजटीय प्रावधान किये गए हैं, जैसा कि तालिका-3 में दिखाया गया है ।
S. No. पद का नाम पदों की संख्‍या प्रतिमाह वेतन (रुपये) वार्षिक बजट (रुपये)
महिलाओं के लिए राज्‍य संसाधन केंद्र हेतु बजट (वार्षिक)
अनावर्ती व्‍यय
(वेतन* व्‍यय**)
क. राज्‍य परियोजना समन्‍वयक 1 52,500 6,30,000
  जैंडर विशेषज 1 36,750 4,41,000
  अनुसंधान अधिकारी 1 26,250 3,15,000
  प्रशिक्षणऔर अनुसंधान अधिकारी 1 26,250 3,15,000
  सहायक 1 15,750 1,89,000
  उप-जोड़ 5   18,90,000
C कार्यालय व्‍यय***     10,00,000
  उप-जोड़     10,00,000
B कार्यक्रम संबंधी गतिविधियां      
  परामर्श/संगोष्‍ठियां/कार्यशालाएं/प्रशिक्षण/प्रकाशन/अभिनव परियोजना/एमआईएस     8,00,000
  आई ई सी गतिविधियां     2,00,000
  उप-जोड़     10,00,000
  कुल जोड़     38,90,000

*यदि राज्‍य इन पदों को प्रतिनियुक्‍ति के आधार पर भरते हैं तो प्रतिनियुक्‍ति के संबंध में राज्‍य के नियम लागू होंगे, बशर्ते केंद्र पर कोई अतिरिक्‍त बजटीय बोझ न पड़े ।

**राज्‍य अधिक मानदेय दे सकते हैं, किंतु भारत सरकार का हिस्‍सा साझेदारी की मौजूदा पद्धति के अनुसार उपर्युक्‍त राशि तक सीमित होगा ।

***इसमें किराए, स्‍टेश्‍नरी, संचार (यात्रा व्‍यय सहित)/कार्यात्‍मक जरूरतों के अनुसार बाहरी स्रोतों से प्राप्‍त सचिवालयी/सहायक कर्मचारियों/वार्षिक अनुरक्षण व्‍यय (सुरक्षा सेवाओं, स्‍वच्‍छता सेवाओं, बिजली और पानी आदि) पर खर्च शामिल हैं । जरूरत के अनुसार, बाह्य एजेंसी/बाजार से ठेके के आधार पर सचिवालयी/सहायक कर्मचारी लगाने के संबंध में वित्‍तीय प्रावधान किए गए हैं ।

एसआरसीडब्‍ल्‍यू के लिए एकमुश्‍त अनावर्ती अनुदान*
क्र.सं. अनावर्ती अनुदान (शीर्ष) एकमुश्‍त वार्षिक बजट (राशि रुपये में)
1. क) कार्यालय फर्नीचर   100000
  ख) कम्‍प्‍यूटर/प्रिंटर और यूपीएस 2 Nos 36,750
  ग) फैक्‍स मशीन   10000
  घ) फोटोकॉपियर   200000
  ड.) टेलीफोन   4000
  कुल   4,34,000
(i) अन्‍तरक्षेत्रक परामर्श/बैठकें तथा राज्‍य कार्यबल की बैठकें :
जैसे संबंधित विभागों तथा सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ राज्‍य कार्यबल (मुख्‍य सचिव की अध्‍यक्षता में) की तिमाही बैठकें
(ii) प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण - अभिविन्‍यास और संचेतना :
जैसे कि विधान सभा के सदस्‍यों/संसद सदस्‍यों/न्‍याय पालिका/पुलिस, आईएमए - राज्‍य स्‍तर/चिकित्‍सा व्‍यावसायिकों/कारपोरेट सैक्‍टर/मीडिया/स्‍कूल-कॉलेज के शिक्षकों/राज्‍य विधिक सेवा प्राधिकरण, अल्‍ट्रासाउंड निर्माताओं के साथ अभिविन्‍यास/कार्यशालाएं
(iii) अभिनव और जागरुकता विकास गतिविधियां :
जैसे कि बालिका दिवस समारोह (मासिक), बालिका दिवस पर कोई सर्वोत्‍तम प्रथा शुरू करने के लिए जिले को बधाई देने के लिए वार्षिक कार्यक्रम ।
तालिका-3 : राज्‍य स्‍तर पर परियोजना प्रबंधन एकक की लागत (बीबीबीपी)
क्र.सं. मद राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र बजटीय सीमा (राशि रुपये में)
1. अन्‍तरक्षेत्रक परामर्श/बैठकें तथा राज्‍य कार्यबल की बैठकें :
जैसे संबंधित विभागों तथा सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ राज्‍य कार्यबल (मुख्‍य सचिव की अध्‍यक्षता में) की तिमाही बैठकें
(ii) ्रशिक्षण और क्षमता निर्माण - अभिविन्‍यास और संचेतना :
जैसे कि विधान सभा के सदस्‍यों/संसद सदस्‍यों/न्‍याय पालिका/पुलिस, आईएमए - राज्‍य स्‍तर/चिकित्‍सा व्‍यावसायिकों/कारपोरेट सैक्‍टर/मीडिया/स्‍कूल-कॉलेज के शिक्षकों/राज्‍य विधिक सेवा प्राधिकरण, अल्‍ट्रासाउंड निर्माताओं के साथ अभिविन्‍यास/कार्यशालाएं
(iii) अभिनव और जागरुकता विकास गतिविधियां :
जैसे कि बालिका दिवस समारोह (मासिक), बालिका दिवस पर कोई सर्वोत्‍तम प्रथा शुरू करने के लिए जिले को बधाई देने के लिए वार्षिक कार्यक्रम ।
राज्‍य
संघ राज्‍य क्षेत्र
1935000
900000
2. मॉनीटरिंग, मूल्‍यांकन और प्रलेखन राज्‍य
संघ राज्‍य क्षेत्र
300000
200000
3. फ्लैक्‍सी फण्‍ड (10%) राज्‍य
संघ राज्‍य क्षेत्र
223500
223500
4. कुल राज्‍य
संघ राज्‍य क्षेत्र
2458500
1210000