जिला स्‍तरीय महिला केंद्र - कवरेज

1.जिला स्‍तरीय महिला केन्‍द्र (डीएलसीडब्‍ल्‍यूऋ – जिला स्‍तर

महिला सशक्‍तीकरण (जैसे बीबीबीपी, वन स्‍टॉप केंद्र, महिला हेल्‍पलाइन, महिला पुलिस वालंटियर, स्‍वाधार, उज्‍ज्‍वला आदि) पर आधारित सरकारी कार्यक्रमों, स्‍कीमों एवं सेवाओं के बारे में सूचना एकत्रित करने और ग्राम/ब्‍लॉक स्‍तर तथा राज्‍य स्‍तरी के मध्‍य एक कड़ी के रूप में कार्य करने हेतु जिला स्‍तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्‍ल्‍यू) की परिकल्‍पना की गई है। ये केंद्र जिला स्‍तर पर बीबीबीपी स्‍कीम को भी आधार प्रदान करेंगे। जिला स्‍तरीय महिला केंद्र संबंधित जिले में महिलाओं से संबंधित स्‍कीमों के बारे में अपेक्षित जानकारी प्रदान करेगा। जिला स्‍तरीय महिला केंद्र सरकार की महिला केंद्रित स्‍कीमों एवं कार्यक्रमों के क्रियान्‍वयन हेतु स्‍थानीय प्रशासन, राज्‍य सरकार तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच लिंक का कार्य करेगा।

 

1.1. जिला स्‍तरीय महिला केंद्र - कवरेज

 

जिला स्‍तरीय महिला केंद्र वित्‍त वर्ष 2017-18 से 2019-2020 के दौरान 640 जिलों में चरणबद्ध आधार पर स्‍थापित किए जाएंगे। पहले दो वर्षों के दौरान, प्रत्‍येक वर्ष 220 नए जिले और तीसरे वर्ष 200 जिलों को शामिल किया जाएगा।

 

1.2. जिला स्‍तरीय महिला केंद्र – स्‍थान एवं मानव शक्‍ति

 

ये जिला स्‍तरीय महिला केंद्र आमूमन डीसी कार्यालय एवं जिला परिषद में स्‍थापित किए जाएंगे चूंकि यहां इनकी सुलभता महिलाओं के लिए सुगम होगी तथा विभिन्‍न विभागों के बीच समन्‍वय स्‍थापित करना आसान रहेगा। इन जिला स्‍तरीय महिला केंद्रों में 3 व्‍यक्‍ति (संविदात्‍मक कर्मचारी) होंगे जिसमें एक यूनिट का अध्‍यक्ष (उदाहरणार्थ महिला कल्‍याण अधिकारी) तथा दो जिला समन्‍वयक होंगे। ये जिला सतरीय महिला केंद्र जिला कलैक्‍टर/उपायुक्‍त (डीसी) के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे और महिलाओं के लिए स्‍कीमों और कार्यक्रमों के क्रियान्‍वयन को सुकर बनाने हेतु सीईओ जिला परिषद, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, अर्ध सरकारी निकायों, अन्‍य विभागों आदि के अभिसरण में काम करेंगे। ये संबंधित जिले में महिलाओं के संबंध में फोकस करने के साथ-साथ सरकार के अधिदेशों को साकार करने के लिए एसआरसीडब्ल्यू के अंग होंगे ।

 

1.3 जिला स्‍तरीय महिला केंद्र – भूमिका एवं दायित्‍व

  • सरकारी स्कीमों, कार्यक्रमों और सेवाओं के संबंध में अद्यतन सूचना बैंक/ कोष (स्कीमों का ब्यौरा जैसे पात्रता मानदंड, आवश्यक कागजात,प्रक्रिया समय, लाभ, सुविधाजनक प्रदायगी, आवेदन की ट्रेकिंग स्थिति आदि) का सृजन करेगा।
  • जिला स्‍तरीय महिला केन्‍द्र ब्‍लॉक/जिला और राज्‍य स्तर पर प्रधानमंत्री मातृत्‍व वंदना योजना के कार्यान्‍वयन के लिए एक लिंक के रूप में कार्य करेंगे तथा बेटी बचाओबेटी पढाओ स्कीम को आधार प्रदान करेंगे ।
  • जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) ब्लॉक/ ग्राम स्तर पर छात्र वालिंटियर्स के कार्यकलापों का संयोजन और पर्यवेक्षण करेगा।
  • विभिन्न सरकारी स्कीमों के लिए आवेदन करते समय महिलाओं द्वारा सामना की जा रही समस्याओं की पहचान करना और ऐसे केस तैयार करना और उनका समाधान करने के लिए डी सी ऑफ़िस /पंचायती राज संस्थानों सहित संबंधित फोरम को रिपोर्ट भेजना ।
  • ऐसी बैठकें आयोजित करना जहां अंतर- विभागीय अभिसरण सहित विभिन्न स्तरों पर अभिसरण प्रयासों को प्रभावित मुद्दों का समाधान किया जा सके । महिला सशक्तीकरण को प्रभावित करने वाले अन्य सामाजिक, आर्थिक कारकों को भी फोरम पर लाया सकता है ।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के कार्यक्रमों/स्कीमों के उद्देश्यों के आधार पर प्रदायगी, क्रियान्वयन की समय-सीमा और स्थानीय परिप्रेक्ष्य को समाहित करते हुए जिला प्लान तैयार करना ।
  • जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) पर स्कीमों/कार्यक्रमों की मॉनीटरिंग करने, कार्यकर्ताओं आदि के प्रशिक्षण का उत्तरदायित्व होगा।
  • जिले में महिलाओं पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए क्रियान्वित की जा रही स्कीमों /कार्यक्रमों के डाटाबेस का सृजन करके उनको अद्यतित रखेगा ।
  • एसआरसीडब्ल्यू को मासिक आधार पर कार्यकलापों की प्रगति रिपोर्ट भेजेगा।
  • राज्य सरकार /महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा अन्य कोई सुपुर्द किया गया कार्य।

1.4.जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) - मानव संसाधन चयन प्रक्रिया

  • डीसी /डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की चयन समिति यूनिट के लिए एक प्रमुख (महिला कल्याण अधिकारी) और दो जिला समन्वयकों की भर्ती करेगी ।
  • चयन समिति में महिलाओं से संबंधित विषयों पर कार्यरत सिविल सोसाइटी संगठनों/ गैर- सरकारी संगठनों (एनजीओ पोर्टल पर पंजीकृत, पोर्टल का लिंक है- http://ngodarpan.gov.in/ ) के दो प्रतिनिधियों सहित कम से कम पांच सदस्य होंगे ।

क. महिला कल्याण अधिकारी - जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) के लिए अपेक्षित योग्यताएं एवं दक्षता

  • महिलाओं के संबंध में फोकस सहित क्रियान्वित की जा रही स्कीमों/कार्यक्रमों की समझ के साथ मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में स्नातकोत्तर / सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर
  • स्थानीय भाषा / बोली में सम्प्रेषण में सक्षम और जिला अधिकारियों से प्रभावी सम्पर्क
  • सिविल सोसायटी संगठनों के साथ कार्य करने का अनुभव
  • रिपोर्ट लिखने तथा एमआइएस निमित्‍त कम्‍प्‍यूटर में दक्षता
  • अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष
  • महिलाओं और उसी जिले की निवासी को वरीयता

ख. जिला समन्वयक - जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) के लिए अपेक्षित योग्यताएं एवं दक्षता

  • मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान / सामाजिक कार्य अथवा अन्य किसी संबंधित क्षेत्र में स्नातक
  • जिले में महिलाओं से संबंधित मुद्दों से भली भांति परिचित हो।
  • कम्प्यूटर पर कार्य करने में सक्षम
  • अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष
  • महिलाओं और उसी जिले के निवासी को वरीयता

 

1.5. डीएलडब्‍ल्‍यूसी - रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग तंत्र

 

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थापित जिले के सभी हितधारकों के प्रतिनिधियों की टास्क फोर्स जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) के कार्यों का पर्यवेक्षण, मॉनीटरिंग, समन्वय, समीक्षा और कार्यक्रम सुधार करने के प्रति उत्तरदायी होगी । जिला स्तरीय टास्क फोर्स राज्य के साथ-साथ राष्ट्र स्तरीय टास्क फोर्स/ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को रिपोर्ट करेगा ।

डीएलसीडब्ल्यू के स्‍टाफ की उपस्थिति तथा रिपोर्टिंग जिला कलेक्‍टर / जिला मजिस्‍ट्रेट के आदेशानुसार डीसी/डीएम के कार्यालय में होगी । डीएलसीडब्ल्यू के स्‍टाफ द्वारा किए गए कार्यों की एक मासिक रिपोर्ट डीसी / एसआरसीडब्‍ल्‍यू / महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा यथा-निर्धारित ढांचे में डीसी / एसआरसीडब्‍ल्‍यू / महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को प्रस्‍तुत की जाएगी ।

 

1.6. निधि पैटर्न

 

राज्‍य सरकारों /संघशासित प्रदेशों के प्रशासनों को जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) के लिए वार्षिक बजट दो किश्‍तों में रिलीज किया जाएगा । संबंधित राज्य सरकार /केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन (महिला एवं बाल विभाग / सामाजिक कल्‍याण विभाग) को राज्‍य में कार्यरत डीएलडब्‍ल्‍यूसी की कार्यकलाप रिपोर्ट के साथ यूसी और एसओई प्रस्तुत करने होंगे । डीएलडब्‍ल्‍यूसी का वार्षिक बजट तालिका-4 में देखा जा सकता है ।

जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) केंद्रीय सरकार और राज्यों के बीच लागत साझा अनुपात 60:40 के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा। पूर्वोत्तर और विशेष श्रेणी राज्यों के लागत साझा अनुपात 90:10 का होगा । संघशासित प्रदेशों के लिए केन्‍द्र द्वारा शत-प्रतिशत निधि दी जाएगी ।

 

तालिका-4 : जिला स्तरीय महिला केंद्र (डीएलसीडब्ल्यू) के लिए वार्षिक बजट अनुमान

प्रति जिला स्‍तरीय महिला केन्‍द्र की लागत  रूपयों में
शीर्ष पदों की संख्‍या मासिक वेतन वार्षिक बजट
महिला कल्‍याण अधिकारी 1 35,000 4,20,000
जिला समन्‍वयक 2 20,000 4,80,000
गैर आवर्ती व्‍यय      
स्‍थापना संबंधी व्‍यय   1,00,000 1,00,000
       
       
आवर्ती व्‍यय      
कार्यालय व्‍यय   50,000 50,000
स्‍थानीय यात्रा खर्चे   10,000 1,20,000
संचार व्‍यय   5,000 60,000
प्रति जिला स्‍तरीय केंद्र की कुल वार्षिक लागत     Rs 12,30,000