अप्रवासी भारतीयों द्वारा विवाह

भारतीय अप्रवासियों की बढ़ती संख्‍या और इसके फलस्‍वरूप विदेशों में होने वाले विवाहों के कारण इस प्रकार के विवाहों में वैवाहिक तथा विवाह से जुड़े विवादों की संख्‍या बढ़ती जा रही है । विदेशों में बसे भारतीयों के साथ विवाह अन्‍य विवाहों की तरह ही हैं और इनमें भी उसी तरह की ऊंच-नीच होती है, लेकिन ये विवाह न केवल भारतीय कानूनी प्रणाली से शासित होते हैं, बल्‍कि इनमें दूसरे देश की कानूनी पद्धति के साथ प्राइवेट अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों/नियमों की पेचीदा प्रक्रिया का भी सामना करना पड़ता है । इस प्रकार के विवाह में अनबन से समस्‍या और भी बढ़ जाती है क्‍योंकि महिला विदेशी धरती पर अकेली अपने घर से बहुत दूर होती है और उसे भाषा, स्‍थानीय पुलिस और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी के अभाव, मित्रों और परिवार के समर्थन की कमी, तत्‍काल उपलब्‍ध आर्थिक सहायता की कमी और आश्रय स्‍थल की कमी जैसी अड़चनों का सामना करना पड़ता है । पूरी सावधानी न बरतने और तथ्‍यों की पर्याप्‍त जानकारी न होने के कारण समस्‍याएं खड़ी हो जाती हैं । ऐसे मामलों में विभिन्‍न कारणों से, जैसे घरेलू हिंसा, विवाहेत्‍तर संबंधों, वीज़ा/आप्रवासन प्राप्‍त करने में विलंब, एकतरफा विवाह-विच्‍छेद आदि, पति पत्‍नी तक को छोड़ देने तक की नौबत आ जाती है ।

अत: अप्रवासी भारतीयों के साथ विवाह में सावधानी बरतना अनिवार्य है ।

क्‍या न करें

  • कोई भी निर्णय जल्‍दी में न करें और किसी भी कारण से ऐसा करने के लिए दबाव में न आएं ।
  • दूर से बैठे-बैठे, फोन पर ई-मेल के ज़रिए मामलों को अंतिम रूप न दें ।
  • किसी ब्‍यूरो, एजेंट, दलाल अथवा बिचौलिए का आंख मूंद कर विश्‍वास न करें ।
  • किसी भी कारण से अथवा किसी बहाने से नकली कागज़ बनवाने अथवा कोई नकली लेनदेन करने के लिए सहमत न हो ।
  • गुप्‍त तरीके से मामलों को अंतिम रूप न दें; अपने मित्रों और सगे-संबंधियों के साथ प्रस्‍ताव साझा करने से ऐसी महत्‍वपूर्ण सूचना आपको मिल सकती है, जो आप अन्‍यथा शायद प्राप्‍त नहीं कर सकते । केवल पंजीकृत विवाह कराने अथवा किसी दूर-दराज के स्‍थान पर विवाह संपन्‍न कराने के लिए सहमत न हों ।
  • विदेश में विवाह कराने के लिए सहमत न हों ।
  • अपने पति/पत्‍नी के खिलाफ कोई झूठा मामला दायर न करें ।
  • दहेज संबंधी कानूनों और निदर्यता पर कानूनों का उत्‍पीड़न के एक हथियार के रूप में इस्‍तेमाल न करें ।

 

क्‍या करें

  • सामाजिक विवाह के साथ-साथ विवाह के पंजीकरण पर अवश्‍य बल दें । विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र हमेशा अपने साथ रखें ।
  • अपनी ओर से वीज़ा तथा अन्‍य अपेक्षित औपचारिकताओं के संबंध में सारी कागज़ी कार्रवाई पूरी करें । सारे मूल कागज़ात अपने पास रखें ।
  • अपना पासपोर्ट हमेशा अपने कब्‍ज़े में रखें । पासपोर्ट की कम से कम एक प्रति पास रखें ।
  • अपने पति/पत्‍नी से एक शपथ-पत्र देने को कहें, जिसमें वर्तमान वैवाहिक स्‍थिति का उल्‍लेख हो ।
  • विदेश में नए आवास में पहुंचने से पूर्व बीमा अवश्‍य करा लें ।
  • आपस में और अपने परिवारों के साथ नियमित और सार्थक बातचीत बनाए रखें ।
  • यह अवश्‍य सुनिश्‍चित करें कि विवाह बंधन में बंधने वाले दोनों व्‍यक्‍ति आपस में मिले और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुक्‍त तरीके से बातचीत करें ।
  • यदि आपको लगे कि कुछ गलत या अनुपयुक्‍त हो रहा है तो अपने अंदर की आवाज़ सुनें और इस पर अपनों से चर्चा करें । .
  • भावी पति/पत्‍नी के मित्रों, परिवार के सदस्‍यों और नियोक्‍ताओं से संपर्क करें ।